कर्णप्रयाग :
पंचकेदार में एक भगवान आदिबद्री धाम के कपाट पौराणिक मान्यता के अनुसार पौष मास के लिए 16 दिसंबर 2022 से एक माह के लिए बंद हो जाएंगे। इसके बाद जनवरी माह में मकर सक्रांति को पूरे विधि विधान से पूजा के साथ ही श्रधालुओं के दर्शनाथ हेतु भगवान आदिबद्री के कपाट फिर से खोल दिए जायेंगे। 

मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश बहुगुणा व पुजारी चक्रधर प्रसाद ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व पर कपाट खुलने के साथ ही मंदिर में एक सप्ताह का महाभिषेक समारोह व शीतकालीन पर्यटन एवं विकास मेला आयोजित किया जायेगा।

इस रोज मंदिर के गर्भगृह में मंदिर के पुजारी चक्रधर थपलियाल जी भगवान आदिबद्री नाथ जी को इस माह की अंतिम पूजा अर्पित करेंगे। भगवान आदिबद्री नाथ जी के प्रात: श्रृगार दर्शन पूजा के बाद दिन में मंदिर प्रांगण में  धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी विद्यालयों के बच्चे अपनी धार्मिक लोक संस्कृति की छटा बिखेरेंगे तो महिला मंगल दल धार्मिक लोक गीतों व लोक नृत्यों से भगवान आदिबद्री नाथ जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। 

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वहीं शाम को  थापली-आदिबद्री के श्रद्धालुओं द्वारा कडाह भोग तैयार किया जायेगा।  रात्रि साढ़े सात बजे भगवान आदिबद्री नाथ जी के पौष माह के अंतिम श्रृगार दर्शन करने उन्हें भोग लगाने के लिए जुटेंगे। पंचज्वाला आरती उतारने के बाद भगवान आदिबद्री नाथ जी को सामुहिक कडाह भोग लगाया जाएगा फिर घण्टे घड़ियाल शंख ध्वनि के बीच भगवान को निर्वाण स्वरूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी उनके द्वारा भगवान के पीत वस्त्र उतार लिए जाऐंगे और उनके क्रीट मुकुट,छत्र सहित उनका सम्पूर्ण श्रृगार उतारने के बाद उन्हें घृत कम्बल से लपेट दिया जाएगा इसी मुद्रा में भगवान पूरे पौष माह तक योग निद्रा में रहेंगे फिर माघ माह के मकर संक्रांति के पावन पर्व पर ही श्रद्धालु उनके दर्शन कर पाएंगे।




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