पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत



(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
DEHRADUN :
उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता हरक सिंह रावत  एक बार फिर ईडी के निशाने पर। उनके देहरादून, दिल्ली व चंडीगढ़ के ठिकानों पर  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापमारी चल रही है। उनके कॉलेज, हॉस्पिटल दून इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अवैध निर्माण मामले में कार्यवाही चल रही है। 

हरक सिंह रावत वर्ष 2022 में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे। इसके बाद  अगस्त 2023 में उनके सामने एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई थी। जब विजिलेंस की टीम ने उनके बेटे के स्वामित्व वाले एक मेडिकल कॉलेज और एक पेट्रोल पंप पर छापा मारा था। उस समय उनके शंकरपुर में दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और देहरादून में अमरावती पेट्रोल पंप पर विजिलेंस की छापेमारी में कथित तौर पर सरकारी पैसे से खरीदे गए लगभग 15 लाख रुपये के दो जनरेटर जब्त किए गए थे।

बता दें कि कांग्रेस के नेता हरक सिंह रावत आगामी लोकसभा चुनाव में हरिद्वार सीट से दावेदारी पेश कर रहे थे, लेकिन इस रेड के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। रावत के देहरादून,दिल्ली-एन

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
सीआर से लेकर चंडीगढ़ तक के 16 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि ईडी ने ये कार्रवाई कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बड़ी संख्या में हुए पेड़ों के अवैध कटान और अवैध निर्माण मामले को लेकर की है। हरक सिंह रावत के अलावा कुछ अन्य लोगों के यहां भी छापा मारा गया है। हरक सिंह रावत पर काफी समय से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। इन्हीं आरोपों के चलते प्रवर्तन निदेशालय उनसे पहले भी कई बार पूछताछ कर चुकी है। 

हरक सिंह पर ईडी की इस कार्यवाही पर फिलहाल कांग्रेस पार्टी भी चुप है, क्योंकि विधान सभा का सत्र चल रहा है जहाँ इस मुद्दे पर भी गर्मागर्म माहौल बनने की संभावना है।


(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *