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जोशीमठ : उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिस से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चमोली जिले में तो कई स्थानों पर भूस्खलन होने से रास्ते बंद हो गए हैं। गांवों में लोग दहशत के साये में हैं। यहां जोशीमठ विकासखंड के पगनो गांव में भारी बारिश ने लोगों का सोना खाना दुश्वार कर दिया है। बारिश के चलते गांव के ऊपर भूस्खलन से मिट्टी और मलबा बह कर लोगों के घरों में घुस गया है। वहीं मलबा आने से खेतों में खड़ी फसल भी बर्बाद हो गई है।
बता दें कि गांव में पिछले कुछ सालों से लगातार भूस्खलन की घटना देखने को मिल रही है। पिछले वर्ष भूस्खलन से गांव में 11 भवन ध्वस्त हो गए थे। अभी भी गांव में 53 परिवार भूस्खलन क्षेत्र में हैं।
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कुछ दिन पहले भी भारी बारिश के कारण गांव में मलबा आ गया था जिसके चलते ग्रामीणों को रात के अंधेरे में ही अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर पानी को दूसरी तरफ डायवर्ट कर दिया था, लेकिन आज अचानक फिर से भारी बारिश होने से मलबा और पानी उनके घरों में घुस गया। ग्रामीण मदद के लिए प्रसाशन की आस लगाए बैठे हैं।
गांव वालों का कहना हैं कि गांव के ठीक पीछे की पहाड़ी में एक प्राकृतिक झील थी। वर्ष 2021 में भारी बारिश के दौरान यह झील क्षतिग्रस्त हो गई और उससे पानी का रिसाव होने लगा। तबसे ही बरसात होने पर गांव में मलबा और पानी आने की समस्या हो गई है।
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