विश्व दिव्यांग दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा उत्तराखंड में दिव्यांग छात्र छात्राओं को मिलेगी फ्री IAS की कोचिंग





देहरादून:
विश्व दिव्यांग दिवस 2024 के अवसर पर समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 89 कुशल दिव्यांगों को सम्मानित किया। 25 योग्य विशेषज्ञों, 32 अनुभवी खिलाड़ियों, 30 स्व-रोजगार वाले लोगों और 2 सेवायोजक को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार सभी जिलों में स्पेशल कैंप लगाकर निशुल्क उपकरण उपलब्ध कराने और दिव्यांग विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन IAS कोचिंग की व्यवस्था कराए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने सभी दिव्यांगजनों को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा और उत्साह हम सभी के लिए किसी भी प्रेरणा से कम नहीं हैं। हम आज प्रदेश के उन दिव्यांग नायकों को सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने अपने आत्मविश्वास, धैर्य और साहस से न केवल अपना जीवन बदला है बल्कि दिव्यांगों के प्रति समाज की सोच और दृष्टिकोण को भी बदलने का काम किया है। सभी दिव्यांगजनों ने अपनी शारीरिक परिस्थिति को एक चुनौती के रूप में लेकर न केवल अपने सपनों को साकार किया है, बल्कि समाज को प्रेरित करने का कार्य भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगों को समाज में समान अवसर मिले इसके लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की जा रही हैं। हमारी सरकार भी दिव्यांगों को पेंशन, विशिष्ट पहचान पत्र, छात्रवृत्ति, और आगामी वर्ष में उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप उपकरण उपलब्ध करानाजैसी सुविधाएं बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। 




मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों को अलग-अलग कैटेगरी में विभिन्न प्रकार की पांच पेंशने दी जा रही है, जिनके माध्यम से प्रदेश के करीब एक लाख दिव्यांगजन लाभांवित हो रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में दिव्यांगजनों को प्रतिमाह 1500 रूपये पेंशन तथा जन्म से दिव्यांग बच्चों के माता-पिता को 18 वर्ष तक प्रतिमाह 700 रुपए का भरण-पोषण अनुदान दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य करने के दौरान दुर्घटनावश दिव्यांग हो जाने पर 1200 रूपए प्रतिमाह की पेंशन दी जा रही है। 21 वर्ष की आयु होने के बावजूद 4 फीट से कम लंबाई वाले व्यक्तियों को भी 1200 रूपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। दिव्यांगजनों को विशिष्ट पहचान पत्र जारी कर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दिव्यांगजन से विवाह करने पर 25 हजार रूपए की धनराशि दिव्यांग दम्पत्ति को प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जा रही है। यही नहीं कक्षा एक से कक्षा आठ तक के दिव्यांग बच्चों अथवा दिव्यांग अभिभावको के बच्चों को भी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग या उपकरण खरीदने के लिए 7 हजार रूपए की धनराशि भी एकमुश्त प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार दिव्यांगजनों को आर्थिक लाभ देने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है।  दिव्यांगजनों के स्वरोजगार हेतु जनपद टिहरी, नैनीताल व पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिसमें दिव्यांगजनों को निःशुल्क प्रिंटिंग प्रेस, सिलाई कटाई आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।




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