पिथौरागढ़ : पलायन से  निष्प्राण हुए काफलीगैर गांव को ग्रामीणों ने फिर से किया पुनर्जीवित




(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
रिवर्स पलायन से बदली गांव की तस्वीर :
 उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित काफलीगैर गांव के लोगों ने रिवर्स पलायन कर एक मिशाल पेश की है। पहले इस गांव से पूरी तरह से पलायन हो चुका था, लेकिन गांव के लोगों ने मिलकर फिर से अपने गांव की तस्वीर को बदलने का फैसला किया। हालांकि ये कार्य इतना आसान नहीं था लेकिन अपने पुरखों के आशियाने को गांव के लोगों ने बहुत संघर्ष के बाद एक बार फिर जीवंत कर दिया है। 

गांव के लोगों ने अपने अपने घरों को ठीक किया और अपने खेतों में फिर से खेती कर उन्हें आवाद किया । यही कारण है कि गांव हरा भरा व खूबसूरत होकर फिर से अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत लिए जीवंत हो गया है। अब यहां के ग्रामीण खेती-बाड़ी और पशुपालन के साथ ही अन्य गतिविधियों में लगकर अपनी आर्थिकी को सुधार कर सुखी जीवन यापन कर रहे हैं। यही नहीं गांव में सामाजिक जीवन भी बहुत सक्रिय है। लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं और त्योहारों और अन्य अवसरों पर एक दूसरे के साथ मिलकर जश्न मनाते हैं।



(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
इस गांव के लोगों की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर हम मिलकर काम करें और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष करें, तो अपने पूर्वजों की विरासत को फिर से जीवित कर गांवों को हरा-भरा बना अपनी भावी पीढ़ी को जीवन जीने का प्राकृतिक मंत्र दे सकते हैं।

यहां के प्राकृतिक दृश्य, जैसे कि हिमालय की चोटियाँ, घने जंगल, और झीलें, पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। साथ ही, यहां की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक घर, मंदिर, पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

इस प्रकार, उत्तराखंड के इस गांव में रिवर्स पलायन के बाद लोगों के जीवन में बहुत सारे सकारात्मक परिवर्तन आए हैं और गांव एक बार फिर से जीवंत और समृद्ध हो गया है।


(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *