उत्तराखंड : चमोली में भारी बारिस से उमट्टा में मलबा आने से बद्रीनाथ राष्ट्रिय राजमार्ग फिर से हुआ बंद जनजीवन अस्तव्यस्त




(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
कर्णप्रयाग :
चमोली जिले में भारी बारिश से नदी नाले उफान पर आने व भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश से जगह जगह मलबा आने से राष्ट्रिय राजमार्गों सहित लगभग 50 सड़कें बाधित हो गई हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी के मद्देनजर मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर जनपद के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी विद्यालय सोमवार को बंद रहे। 



(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
कर्णप्रयाग में सुबह से तेज बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के चलते  उमट्टा के पास मार्ग पर फिर से मलबा आने से बद्रीनाथ राष्ट्रिय राजमार्ग पुनः बाधित हो गया है। वहीं सिवाई में रेलवे टनल के पास गदेरे का पानी बढ़ने से सिवाय कर्णप्रयाग अस्थायी सड़क बह गई है।  गौचर रानो मोटर मार्ग भी मलबा आने से बाधित है। बारिश से भारी मात्रा में छोटे-छोटे बोल्डर और मलबा रुकरुक कर सडक पड़ आ रहे हैं। नंदप्रयाग के पर्थाडीप में भी सुबह मलबा आने से हाईवे बंद हो गया था लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी से मार्ग फिर से चालू हो गया है। 

ज्योतिर्मठ क्षेत्र में पिटकुल की 66 केवी की विद्युत लाइन पर फाल्ट आने से क्षेत्र में बिजली सप्लाई रात से ही ठप पड़ी है। भारी बारिश को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोका गया है।

विकासखंड की हिमनी-बलाण सड़क कालीताल से आगे एक सप्ताह से बंद पड़ी है। यहां सड़क पर आए मलबे को हटाने के लिए पीएमजीएसवाई की जेसीबी मशीन नहीं पहुंच पाई। सड़क बंद होने से यहां ग्रामीणों को करीब पांच किमी पैदल चलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से यातायात के लिए शीघ्र सड़क खोलने की मांग की है।


(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *