(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
पेपर लीक मामला : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा स्नातक स्तरीय परीक्षा मामले में शासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए हरिद्वार सेक्टर मजिस्ट्रेट को निलंबित कर दिया है इसके साथ ही जांज के लिए लिए SIT का गठन कर उसे जांज रिपोर्ट एक महीने में देने का समय दिया है।
इस मामले में आक्रोशित छात्र जहां लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं सरकार ने भी कठोर कदम उठाते हुए पेपर लीक मामले में पहली बड़ी कार्यवाही करते हुए सेक्टर मजिस्ट्रेट के.एन. तिवारी जो जिला ग्राम्य विकास अभिकरण हरिद्वार में परियोजना निदेशक के पद पर कार्यरत है और आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादरपुर जट में ड्यूटी पर तैनात थे को निलंबित किया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट प्रथम दृष्टया यूकेएसएसएससी परीक्षा के लिए ड्यूटी में लापरवाही का दोषी पाया गया । इसी सेंटर से 21 सितंबर को मोबाइल से प्रश्न पत्र की फोटो खींच कर बाहर भेजी गई थी।
SIT करेगी जांच
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
सरकार ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा मामले में एसआईटी को जांच का जिम्मा सौंपा है। SIT को एक महीने के अंदर जाँच रिपेार्ट देने को कहा गया है। एसआईटी हाईकोर्ट के रिटायर जज की निगरानी में काम करेगी। सेवानिवृत्त जज और एसआईटी सभी जिलों में जाएंगे, इस दौरान कोई भी व्यक्ति उन तक परीक्षा से संबंधित तथ्य और सूचना दे सकता है।
परीक्षा प्रणाली में लाई जाएगी पारदर्शिता
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने कहा कि राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुचिता के साथ ही अभ्यर्थियों का हित सर्वोपरी रखकर एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसआईटी हाईकोर्ट के सेवनिर्वित जज की निगरानी में काम करेगी। उन्होंने बताया कि जांच एक माह में सम्पन्न की जाएगी, तब तक के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से परीक्षा के संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। एसआईटी जांच में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});