जंगल की आग से लड़ते हुए वनकर्मी का दुखद अंतचमोली खबर : जंगल में लगी आग बुझाते समय वन कर्मी की दर्दनाक मौत परिवार ने की मुआवजे की मांग

चमोली खबर : जंगल में लगी आग बुझाते समय वन कर्मी की दर्दनाक मौत परिवार ने की मुआवजे की मांग
ज्योतिर्मठ : बिरही क्षेत्र के जंगलों में बुधवार को लगी भीषण आग एक परिवार के लिए काल साबित हुई। आग बुझाने गए एक वन कर्मी की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को शाम तीन बजे बिरही के समीप जंगलों में अचानक भीषण आग भड़क उठी। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलने लगी और आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी। आग को बढ़ता देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वनकर्मियों को दी। सूचना पर मौके पर पहुंचे वनकर्मियों की टीम ने आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास शुरू किया।
बताया जा रहा है कि आग पर काबू पाने के प्रयास के दौरान ज्योतिर्मठ विकासखंड के पाखी गांव निवासी 43 वर्षीय राजेंद्र सिंह नेगी पुत्र नंदन सिंह नेगी आग की तेज लपटों और धुएं की चपेट में आने से अपना संतुलन खो बैठे और गहरी खाई में गिर गए ।
आग बुझाने पहुंची 15 कर्मियों की टीम में राजेंद्र सिंह भी शामिल था। अपराह्न सात बजे जब आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया तो सभी फायर कर्मी बदरीनाथ हाईवे पर पहुंच गए, लेकिन राजेंद्र सिंह नहीं पहुंचा। फायर कर्मियों ने अधिकारियों को उसके मिसिंग होने की सूचना दी। जिस पर उन्होंने इसकी सूचना एसपी सुरजीत सिंह पंवार को दी।
गहरी खाई में मिला शव
एसपी के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम के साथ ही वन कर्मी ढूंढ खोज में जुट गए। रात करीब 10.30 बजे जंगल में राजेंद्र का मोबाइल फोन बरामद हुआ, पर वह नहीं मिले। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया। बृहस्पतिवार को सुबह फिर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया तो राजेंद्र सिंह करीब 70 मीटर नीचे खाई में गिरे मिले। तब तक वह दम तोड़ चुके थे उनकी बॉडी आग से झुलसी हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया और मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।
आठ वर्षों से वन विभाग में थे कार्यरत
बताया जा रहा है कि राजेंद्र सिंह पिछले 8 वर्षों से वन विभाग के साथ फायर कर्मी के रूप में कार्य कर रहे थे और परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने मृतक के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है। साथ ही सरकार से यह मांग उठने लगी है कि ऐसे कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। आधुनिक उपकरण, बेहतर प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों की व्यवस्था के साथ-साथ मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की जा रही है।
प्रभागीय वनाधिकारी ने दी आग लगने की जानकारी
बद्रीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी शर्वेश कुमार दुबे ने बताया कि बिरही क्षेत्र के जंगलों में बुधवार करीब तीन बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि तेज हवाओं के कारण आग की लपटें तेजी से फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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