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रुद्रप्रयाग : जिले में तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण सोनप्रयाग-गौरीकुंड पैदल मार्ग पर मंगलवार शाम को भारी भूस्खलन होने से मुनकटिया से करीब डेढ़ किमी आगे पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढहने से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। यहां दोनों तरफ से आवाजाही ठप हो गई है। लगातार बारिश और भूस्खलन होने के कारण मार्ग को खोलने के कार्य में बाधा आ रही है, जिसके चलते केदारनाथ यात्रा पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। धाम से नीचे लौटे यात्री गौरीकुंड में फंसे हुए हैं, जबकि केदारनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को सोनप्रयाग में रोका गया है।
मौसम के ठीक होने पर बुधवार सुबह तक सड़क बहाल होने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन भारी बारिश के चलते सोनप्रयाग-गौरीकुंड पैदल मार्ग को खोला नहीं जा सका है जिसके कारण केदार नाथ जाने वाले यात्री बीच में ही फंस गए हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवार ने बताया कि बड़े-बड़े बोल्डर के साथ ही मलबा भी गिरा है, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों को गौरीकुंड और सोनप्रयाग में रोक दिया गया है।
एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार नाथ पांडे ने बताया कि दो मशीनों की मदद से मलबा साफ करने का काम शुरू कर दिया गया है। रुक-रुककर होती बारिश और अंधेरे के चलते कार्य में दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग के सोनप्रयाग-गौरीकुंड पांच किमी मार्ग के बीच आवागमन करना खतरनाक बना हुआ है, जबकि गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग में भी जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में लोनिवि और एनएच विभाग के साथ प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ जुटा हुआ है और देश-विदेश से केदारनाथ धाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं की हरसंभव मदद की जा रही है।
