उत्तराखंड लोकभाषा साहित्य मंच ने साहित्यकार प्रतिबिंब बड़थ्वाल को श्रद्धांजलि दे किया याद





नई दिल्ली :
उत्तराखंड लोकभाषा साहित्य मंच द्वारा दिल्ली के पंचकुइया रोड स्थित गढ़वाल भवन में साहित्यकार प्रतिबिंब बड़थ्वाल की श्रद्धांजलि सभा में साहित्यकारों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनैतिक लोगों ने प्रतिबिंब जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

श्रद्धांजलि सभा में पधारे सभी लोगों ने प्रतिबिंब जी को याद कर उनके साथ बिताये अपने संस्मरण को सबके साथ साँझा किये। उत्तराखंड लोकभाषा साहित्य मंच के संयोजक दिनेश ध्यानी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि पहाड़ और लोकभाषा से उनका अथाह प्रेम सबसे जोड़ता चला गया। वे जीवनपर्यन्त साहित्य के लिए ही जिए। उन्होंने अरब अमीरात में रहते हुए अपनी संस्कृति और भाषा को बढ़ावा दिया। दिल्ली आकर भी वो लगातार गढ़वाली, कुमाउनी भाषा के लिए प्रयासरत रहे। गढ़वाली कुमाउनी मानकीकरण कार्यक्रम में भी उनका विशेष योगदान रहा। ध्यानी जी ने दुःख के साथ कहा समाज कि विडंबना देखें जो व्यक्ति समाज के लिए रात दिन खपता रहा उसके जाने के बाद लोगों ने उसे भुला दिया।बड़थ्वाल जी कविताओं व लेखों के माध्यम से उत्तराखंडी जनमानस को अपनी संस्कृति और भाषा को बचाने के लिए जगाते रहे। 

बड़थ्वाल कुटुंब के अध्यक्ष राजकुमार बड़थ्वाल ने प्रतिबिंब जी को याद करते हुए कहा कि उनका जाना हमारे कुटुंब की सबसे बड़ी क्षति है। वे इतने संयमी, सरल और विद्वान थे कि आठ दस आदमियों का काम अकेले ही कर लेने की कला उनमें थी। हमें तो लगता है कि वो आज भी हमारे बीच है। 14 अगस्त को देर रात तक हम जूम मीटिंग करते रहे और 15 अगस्त को वो हमेशा के लिए हम सबसे दूर चले गए। इस तरह का व्यक्तित्व मिलना असंभव सी बात है। 

प्रतिबिंब बड़थ्वाल जी को श्रद्धांजलि देने वालों में कांग्रेस नेता व उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी हरिपाल रावत, उत्तराखंड के पूर्व दर्जाप्राप्त मंत्री व उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी धीरेन्द्र प्रताप, अनिल पंत, कुशाल जीना, गढ़वाल हितैषिणी सभा के जनरल सेक्रेटरी मंगल सिंह नेगी, पत्रकार चारु तिवारी, साहित्यकार रमेश चंद घिल्डियाल, जयपाल रावत, चन्दन प्रेमी, दर्शन सिंह रावत, जगमोहन सिंह रावत, रमेश हितैषी, गिरधारी रावत, ओमप्रकाश आर्य, ओम ध्यानी, दीवान सिंह नेगी, युगराज सिंह रावत, द्वारिका चमोली, वीरेंद्र जुयाल उपिरि, जगत कुमाउनी के अलावा रंगकर्मी खुशाल सिंह बिष्ट, अवधेश घनसियाल, शशि बडोला, मनोज द्विवेदी, जयलाल नवानी, बृजमोहन सेमवाल, प्रताप सिंह नेगी, बड़थ्वाल परिवार के राजेंद्र बड़थ्वाल, पम्मी बड़थ्वाल, प्रमोद बड़थ्वाल, नरेन बड़थ्वाल, नरेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल, कमलेश बड़थ्वाल, योगिता बड़थ्वाल आदि रहे। 




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