Dehradun: उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ ने नकल माफियों के खिलाफ बड़ी संयुक्त कार्यवाही करते हुए कुख्यात नकल माफिया हाकम सिंह और उसके साथी पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया है। ये लोग रविवार को होने वाली उत्तराखंड सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा में पास कराने का लालच देकर कुछ अभ्यर्थियों से 12 से 15 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूलने की फिराक में थे।
ऐसे आए पकड़ में
एसएसपी देहरादून अजय सिंह और एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि रविवार को होने वाली उत्तराखंड सेवा चयन आयोग की परीक्षा से महज दो दिन पहले खुफिया इनपुट मिला था कि नकल गिरोह अभ्यर्थियों को पास कराने का प्रलोभन देकर ठगी की योजना बना रहा है। इसी के आधार पर जांच टीम बनाई गई जिसकी जांच में खुलासा हुआ कि पंकज गौड़ नामक अभ्यर्थी हाकम सिंह के साथ मिलकर छह अभ्यर्थियों से संपर्क कर रकम की मांग कर रहे थे।
पटेलनगर क्षेत्र से पकड़े गए दोनों आरोपितो ने पूछताछ में स्वीकारा कि उनकी योजना थी कि अभ्यर्थियों के स्वतः चयन हो जाने पर वे पैसे हड़प लेते और असफल होने वालों को अगली परीक्षा में एडजस्ट करने का झांसा देते। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में परीक्षा की गोपनीयता और सुचिता पर कोई आंच नहीं आई है। वहीं UKSSSC के अध्यक्ष जी.एस. मर्तोलिया ने भी पुष्टि की कि परीक्षा पूर्व निर्धारित समय पर ही होगी।
दोनों आरोपितों पर उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश 2023 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
हाकम सिंह पहले भी ठगी मामले में हो चुका है गिरफ्तार
ज्ञात हो कि नकल कांड में भाजपा नेता हाकम सिंह इससे पहले भी कई परीक्षाओं में धांधली कराने के आरोप में 13 अगस्त 2022 को STF के हत्थे चढ़ा था। जिसके बाद भाजपा ने उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उसके खिलाफ नकल प्रकरण और गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे दर्ज हुए थे। पांच सितंबर 2023 को उसे सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी।