फूलों की घाटी मैं बारिश न होने से खिले है कम फूल पर्यटकों में छाई निराशा




कर्णप्रयाग :
उत्तराखंड में इन दिनों बारिश न होने से इसका असर न केवल किसानों पर बल्कि विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी पर भी देखने को मिल रहा है। यहाँ पर्यटकों को जून के महीने में ही विभिन्न प्रकार के फूल देखने को मिल जाते थे लेकिन इस बार यहां कम ही फूल दिखाई दे रहे हैं। 

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चमोली जिले में जोशीमठ से कुछ ही दूरी पर स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी को 1 जून से पर्यटकों के लिए खोल दी गई थी। चार धाम यात्रा के चलते इस घाटी में पर्यटक कम ही आ रहे हैं अभी तक करीब 700 लोग ही यहाँ पहुंच पाए हैं। अभी तक केवल एक दर्जन फूल ही खिले हैं लेकिन यहां का प्राकृतिक सौंदर्य लोगो को बेहद ही आकर्षित कर रहा है। बारिस होते ही यहाँ अनेकों प्रकार के फूल खिलने लगते हैं और पूरी घाटी रंगीन दिखाई देने लगती है। पर्यटकों की तादाद बढ़ने के लिए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन को बारिश होने और फूलों के खिलने का इंतजार है। 

 


फूलों की घाटी के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन भारती का कहना है कि अगस्त सितम्बर में बारिश अच्छी होती है और उस समय यहां लगभग 300 से अधिक प्रजाति के फूल खिलने लगते हैं। ये सब प्रकृति द्वारा स्वतः ही उप्तन्न होते हैं। यदि आप भी प्रकृति के इस अनुपम लावण्य से रूबरू होना चाहते हैं तो सितम्बर माह में  यहां जाएं। यहां रास्ता थोड़ा संकरा है और बारिश होने से फिसलन भी अधिक रहती है इसलिए अपनी पूरी तैयारी के साथ जाएं। 

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