उत्तराखंड : स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने 31 मई को जन जागरूकता पदयात्रा का किया ऐलान
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!देहरादून : उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी गैरसैंण को स्थायी राजधानी न बनाए जाने के विरोध में शुक्रवार 29 मई को स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति द्वारा देहरादून के उत्तरांचल प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
समिति का मानना है कि गैरसैंण राज्य आंदोलनकारियों के सपनों एवं उत्तराखंड की अस्मिता का प्रतीक है। इसलिए उत्तराखंड राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं सामरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए गैरसैंण का स्थायी राजधानी होना अत्यंत आवश्यक है। पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहा पलायन, असंतुलित विकास, पहाड़ों में बढ़ता भू-माफिया, पर्यावरणीय संकट एवं सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ गंभीर विषय है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए समिति के संयोजक विनोद प्रसाद रतूडी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान और जनता की भावनाओं के विपरीत लगातार सरकारें देहरादून को ही राजधानी के रूप में चलाकर गैरसैंण के साथ अन्याय कर रही हैं। उन्होंने कहा राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी गैरसैंण को पूर्ण कालिक राजधानी का दर्जा न देकर ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर जनता को भ्रमित किया गया है। देहरादून में भू-माफिया, खनन माफिया और क्राइम का बोलबाला है। महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। राजधानी के नाम पर देहरादून को बर्बाद किया जा रहा है।
सरकारी जमीनों की बंदरबांट
रतूड़ी जी ने कहा कि प्रदेश बनने के बाद स्थानीय निवासियों के हक़ को मारा जा रहा है। लगातार सरकारी जमीनों की बंदरबांट हो रही है। यहाँ तक कि जार्ज एवरेस्ट की ऐतिहासिक धरोहर वाली जमीन को मात्र 1 करोड़ रुपये की लीज पर निजी हाथों में सौंप दिया गया। यह उत्तराखंड की अस्मिता के साथ खिलवाड़ है।
पहाड़ों की अनदेखी
सरकारों द्वारा अब तक पहाड़ के विकास, पलायन और बेरोजगारी पर कोई ठोस काम नहीं हुआ है। सरकारें केवल देहरादून केंद्रित विकास कर रही हैं। जनप्रतिनिधि देहरादून में बैठकर योजनाओं को कार्यान्विंत कर रहे हैं।
समिति के आगामी कार्यक्रम
समिति के राकेश ध्यानी ने बताया कि जनभावनाओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए रविवार 31 मई 2026 को सुबह 8:00 बजे देहरादून के पर्यटक ग्राउंड से जन जागरूकता पदयात्रा निकाली जाएगी। यह पदयात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जनता को स्थायी राजधानी गैरसैंण के मुद्दे से जोड़ेगी।
समिति ने सभी उत्तराखंड वासियों से अपील की है कि वे 31 मई की पदयात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मुहिम को मजबूत करें।
प्रेस वार्ता में वरुण चंडोला, आनंद राम जी, राजेंद्र प्रसाद कंडवाल जी, प्रकाश थपलियाल जी सहित दर्जनों राज्य आंदोलनकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

