उत्तराखंड: पर्यटकों के दीदार के लिए खुली विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी रंग बिरंगे फूलों के दीदार के लिए पहुंचा पर्यटकों का पहला दस्ता
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ज्योतिर्मठ : चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Valley of Flowers National Park) पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। घाटी के कपाट खुलने के साथ ही सैलानियों का पहला दस्ता इसकी प्राकृतिक सुंदरता और रंग-बिरंगे फूलों का दीदार करने के लिए पहुंच गया है।आज से पर्यटकों के दीदार के लिए खोल दिया गया है। प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकर्स के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं है, जहां उन्हें हजारों प्रकार के रंग-बिरंगे फूल एक साथ देखने को मिलते हैं। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल इस घाटी के खुलने से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी नई ऊर्जा मिली है।
प्रत्येक वर्ष की तरह, इस वर्ष भी घाटी को जून महीने के शुरुआती सप्ताह में पर्यटकों के लिए खोला गया है। यह घाटी आमतौर पर अक्टूबर के अंत तक या बर्फबारी शुरू होने तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। मानसून के आगमन के साथ ही घाटी में फूलों की बहार आने लगती है, जो सितंबर तक अपने चरम पर होती है। इस दौरान यहां ब्रह्म कमल, ब्लू पोस्ता, कोबरा, लिली जैसे सैकड़ों प्रजातियों के फूल खिलते हैं, जिससे पूरी घाटी एक रंगीन कालीन का रूप ले लेती है।
गोविंदघाट से लगभग 13 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई (ट्रेक) करके बेस कैंप घांघरिया तक पहुंचते हैं, और फिर घांघरिया से फूलों की घाटी का प्रवेश द्वार लगभग 3 किलोमीटर दूर है। घाटी के अंदर केवल दिन के समय ही रहने की अनुमति होती है, और सूर्यास्त से पहले वापस आना होता है।
बता दें कि फूलों की घाटी में करीब 500 से अधिक देशी विदेशी फूल खिलते हैं। जिनका दीदार करने के लिए हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। फूलों की घाटी 1 जून से 31 अक्टूबर तक सैलानियों के लिए खुली रहेगी। लेकिन जुलाई से लेकर सितंबर तक का समय फूलों की घाटी घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
इस दौरान रेंजर चेतना कांडपाल,चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह,वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी व पर्यटक मौजूद रहे ।
अभिमन्यु, उप वन संरक्षक, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ने बताया कि नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने फूलों की घाटी की यात्रा शुरू करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के साथ घाटी में वन कर्मियों की भी तैनाती कर दी है। घांघरिया में पंजीकरण कराने के लिए कार्यालय खोला जा चुका है।

