उत्तराखंड : टिहरी बांध रॉयल्टी की मांग को लेकर पवित्र खैट पर्वत पर अनिश्चितकालीन भूख हड़तालउत्तराखंड : टिहरी बांध रॉयल्टी की मांग को लेकर पवित्र खैट पर्वत पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

उत्तराखंड : टिहरी बांध रॉयल्टी की मांग को लेकर पवित्र खैट पर्वत पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

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टिहरी बांध परियोजना : टिहरी बांध से मिलने वाली रॉयल्टी को नई टिहरी, प्रतापनगर समेत बांध प्रभावित क्षेत्रों में खर्च करने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सागर भंडारी के नेतृत्व में 110 दिनों से बौराड़ी स्थित गणेश चौक में में चल रहे धरने के बाद गढ़वाल जन अधिकार संघर्ष मोर्चे ने आंदोलन को और तेज करते हुए वीरवार से खैट पर्वत पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अपनी मांगों के समर्थन में सागर भंडारी, गोपीनाथ सिंह रावत, देवांक चमोली और अजय पंवार भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगो पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

ज्ञातव्य हो कि विगत 28 फरवरी से मोर्चा के अध्यक्ष सागर भंडारी के नेतृत्व में मांगो को लेकर लगातार धरना चलता आ रहा है। मोर्चे की मांग है कि बांध से मिलने वाली 12 प्रतिशत रॉयल्टी की धनराशि नई टिहरी, प्रतापनगर सहित सभी बांध प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर खर्च की जाए। साथ ही हनुमंत राव कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप प्रभावितों को निःशुल्क बिजली पानी की सुविधा उपलब्ध कराइ जाए।


मोर्चे के अध्यक्ष सागर भंडारी ने कहा की पवित्र खैट पर्वत पर आमरण अनशन का हमारा आज दूसरा दिन है।उन्होंने कहा शरीर बेशक कमजोर पड़ रहा हो लेकिन टिहरी गढ़वाल के हक़ और अधिकारों के लिए हमारे हौंसले पहले से भी अधिक बुलंद हैं। यह संघर्ष केवल 12 प्रतिशत रॉयल्टी का नहीं है, बल्कि अपने स्वाभिमान, न्याय और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का संघर्ष है। हम सत्य और अधिकार की इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे।

सागर और उनके साथियों ने कहा कि टिहरी बांध परियोजना से जहां देश को बिजली और पानी मिल रहा है वहीं बांध प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड रहा है। उन्होंने सरकार से अपनी मांगो का जल्द समाधान निकालने की मांग की है।