नई टिहरी: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। नई टिहरी के प्रतापनगर ब्लॉक में सड़क निर्माण की लटकी फाइल से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इन दो प्रमुख मार्गों के निर्माण की है मांग
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों का निर्माण लंबे समय से अटका हुआ है:
- गैरी ब्राह्मणों से बुराशखंडा मार्ग
- गैरी राजपूत से बैथाण मार्ग
लंबे समय से झेल रहे हैं दुश्वारियां
धरने का नेतृत्व कर रहीं जिला पंचायत सदस्य शैला रमोला और प्रिंसी रावत ने कहा कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों, स्कूली बच्चों की पढ़ाई और खासकर स्वास्थ्य आपातकाल (मेडिकल इमरजेंसी) के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीमारों और गर्भवती महिलाओं को आज भी डंडी-कंडी के सहारे मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है।
मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने साफ लफ्जों में कहा कि अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। यदि दोनों सड़कों पर जल्द से जल्द काम शुरू नहीं किया गया, तो पूरे क्षेत्र के ग्रामीण सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

