चमोली खबर : आईटीबीपी गौचर में ‘हैप्पी आवर्स’ की धूम, हिमवीरों और परिवारों ने बिखेरे संस्कृति के रंग
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गौचर : भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की 8वीं वाहिनी द्वारा शनिवार को गौचर में ‘हैप्पी आवर्स’ के अंतर्गत एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सेनानी श्री मनोहर सिंह रावत के कुशल मार्गदर्शन एवं HWWA (आईटीबीपी वाइफ्स वेलफेयर एसोसिएशन) की मुख्य संरक्षिका श्रीमती अंजना रावत की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महानिरीक्षक (एम एंड एस.आई.), औली, श्री अखिलेश सिंह रावत एवं उनकी धर्मपत्नी व मेंटर (HWWA) श्रीमती लीना रावत मौजूद रहीं। वाहिनी मुख्यालय पहुंचने पर मुख्य अतिथि का पारंपरिक रूप से पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति और देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां
इस रंगारंग सांस्कृतिक संध्या में हिमवीरों, हिमवीरांगनाओं और उनके परिवारजनों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति सहित देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति से ओत-प्रोत समूह गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। मंच के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ‘विविधता में एकता’, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकात्मता का प्रेरणादायी संदेश प्रसारित किया गया।
सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक समन्वय के लिए ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि महानिरीक्षक श्री अखिलेश सिंह रावत ने सभी प्रतिभागियों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात बल के कार्मिकों एवं उनके परिवारों के मध्य आपसी आत्मीयता, पारस्परिक सहयोग, सांस्कृतिक समन्वय और मनोबल को सुदृढ़ करने में ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने वाहिनी के परिवारों के कल्याण और सामाजिक समरसता के लिए HWWA द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट और सराहनीय प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत व सम्मानित किया गया। संपूर्ण आयोजन अत्यधिक उत्साह, कड़े अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वाहिनी के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, जवान और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
