पौड़ी गढ़वाल में कुदरत का कहर: भारी बारिश के बाद भूस्खलन, मलबे में दबने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, मरने वालों में 2 वर्षीय मासूम भी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पौड़ी गढ़वाल : उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जगह जगह हो रहे भूस्खलन के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी बीच, पौड़ी गढ़वाल के द्वारीखाल ब्लॉक से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, तहसील सतपुली के अंतर्गत मेहरगांव (भलगांव) में कल रात को हुए भयानक भूस्खलन से आए भारी मलबे की चपेट में आने से एक दो मंजिला मकान भरभरा कर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं। मलबे में दबने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला को ग्रामीणों ने सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आधी रात को काल बनकर टूटा पहाड़ मृतकों में 2 साल का बच्चा भी शामिल
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही थी। सभी लोग अपने-अपने घरों में सो रहे थे, तभी अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सीधे एक दो मंजिला मकान पर आ गिरे। मलबे का वेग इतना तेज था कि मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। हादसे की चपेट में आने से जान गंवाने वाले लोगों की पहचान हो गई है। रेस्क्यू टीम ने मलबे से 2 वर्षीय मासूम रुद्राक्ष (पुत्र नवीन सिंह) का शव बरामद कर लिया है। वहीं मलबे में दबे अन्य दो मृतकों की पहचान धीरेंद्र सिंह (उम्र 46 वर्ष) और मथु देवी के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
प्रशासन और एसडीआरएफ ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू जिलाधिकारी ने स्वयं संभाली कमान
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें भारी साजो-सामान के साथ तत्काल मौके पर पहुंचीं। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से मलबे को हटाने के लिए एक बड़ा संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे के भारी फैलाव और लगातार हो रही बारिश के कारण रेस्क्यू टीमों को मलबे से शवों को बाहर निकालने के लिए घंटों कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया स्वयं करीब तीन किलोमीटर पैदल दुर्गम मार्ग तय कर घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी करते हुए अधिकारियों को सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए।
रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद जिलाधिकारी ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में जिला प्रशासन हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने परिवार की समस्याएं भी सुनीं और आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया।
घायल महिला का हंस अस्पताल में इलाज जारी
रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मलबे में दबी परिवार की एक महिला को जीवित बाहर निकालने में सफलता हासिल की थी। मलबे से सुरक्षित निकाली गई इस महिला को गंभीर चोटें आई हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिना वक्त गंवाए घायल महिला को तत्काल सतपुली स्थित ‘हंस चिकित्सालय‘ पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला का उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सड़कों पर यातायात ठप, अलर्ट पर प्रशासन
इस बीच, लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के चलते पौड़ी गढ़वाल सहित राज्य के कई पहाड़ी इलाकों में मुख्य और संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो चुके हैं। सतपुली क्षेत्र में भी सड़कों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मौसम विभाग के लगातार आ रहे अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीमें भी हाई अलर्ट पर हैं।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये राहत राशि देने की घोषणा की
जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत प्रदान करते हुए प्रत्येक मृतक के लिए 4-4 लाख रुपये तथा क्षतिग्रस्त मकान के लिए 2 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की। इस प्रकार पीड़ित परिवार को कुल 14 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। तीनों शवों का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
