नई दिल्ली : दलित अस्मिता की रक्षा और सामाजिक समरसता की मांग को लेकर आज देश की राजधानी दिल्ली के आर.के. पुरम स्थित प्रख्यात भगवान श्री रविदास मंदिर में एक ऐतिहासिक मौन व्रत का आयोजन किया गया। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री हरीश रावत जी के नेतृत्व में आयोजित इस एक दिवसीय मौन उपवास में कई वरिष्ठ सामाजिक और राजनीतिक दिग्गजों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भाजपा नेताओं पर FIR और राहुल गांधी पर मुकदमा वापसी की मांग
दलित अस्मिता की रक्षा के लिए रखे इस मौन व्रत का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ करने वाले भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं पर तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग करना था। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी पर दर्ज किए गए मुकदमों को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताते हुए उन्हें तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग की।
बाबा साहेब को माल्यार्पण और गुरु रविदास के चरणों में अरदास
कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और उपस्थित वरिष्ठ नेताओं ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके बाद सभी नेताओं ने एक घंटे का सामूहिक मौन उपवास रखा। दलित अस्मिता की रक्षा के लिए रखे इस मौन व्रत की समाप्ति के पश्चात नेताओं ने गुरु रविदास जी के चरणों में शीश नवाया और देश में समरसता, समानता तथा आपसी भाईचारे की मजबूती के लिए विशेष अरदास की।
कई वरिष्ठ सामाजिक और राजनीतिक नेता रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिकों, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक साथियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जोगा राम, अनिल पंत, कुशल जीना, किशोर रावत, महेश प्रकाश, हंसा तिवारी, रविंद्र रावत, जगत सिंह बिष्ट, भंडारी (नाबार्ड), शिव सिंह रावत, थलवाल, पूरन सिंह, गुरजीत लहरी, राजीव त्यागी, कमल गोसाई, चंद्रकांत और गिरीश आर्य सहित कई अन्य प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
नेताओं ने एक सुर में कहा कि देश में दलित अस्मिता और उनके स्वाभिमान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सामाजिक न्याय के लिए यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। मौन व्रत की समाप्ति के पश्चात नेताओं ने गुरु रविदास जी के चरणों में शीश नवाया और देश में समरसता, समानता तथा आपसी भाईचारे की मजबूती के लिए विशेष अरदास की।
कई वरिष्ठ सामाजिक और राजनीतिक नेता रहे मौजूद
दलित अस्मिता के इस ऐतिहासिक आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिकों, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक साथियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जोगा राम, अनिल पंत, कुशल जीना, किशोर रावत, महेश प्रकाश, हंसा तिवारी, रविंद्र रावत, जगत सिंह बिष्ट, भंडारी (नाबार्ड), शिव सिंह रावत, प्रताप थलवाल, पूरन सिंह, गुरजीत लहरी, राजीव त्यागी, कमल गोसाई, चंद्रकांत और गिरीश आर्य सहित कई अन्य प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
नेताओं ने एक सुर में कहा कि देश में दलित अस्मिता और स्वाभिमान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सामाजिक न्याय के लिए यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
