चमोली : आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं के अनूठे संगम के प्रतीक, सुप्रसिद्ध सिद्धपीठ कुरुड़ में तीन दिवसीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन मेले तथा पावन नन्दा जात (बड़ी जात) का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ हो गया है। माँ नंदा के दर्शन और इस ऐतिहासिक उत्सव का साक्षी बनने के लिए पहले ही दिन चमोली जिले सहित पूरे उत्तराखंड और देश के कोने-कोने से भारी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग सिद्धपीठ कुरुड़ पहुंचे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस बेहद संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले आयोजन को लेकर सबसे बड़ी चुनौती यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने की थी। इस चुनौती से निपटने के लिए चमोली पुलिस द्वारा पहले से तैयार किया गया विशेष यातायात प्लान धरातल पर पूरी तरह प्रभावी और सुपरहिट साबित हो रहा है, जिससे भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्था पूरी तरह सुचारू बनी हुई है।
हजारों वाहनों के दबाव के बीच बिना जाम के सुगम आवागमन
मेले के पहले ही दिन उम्मीद के मुताबिक सिद्धपीठ कुरुड़ क्षेत्र में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों वाहनों के आगमन और मुख्य मार्गों पर अत्यधिक दबाव के बावजूद पुलिस की सूझबूझ और चाक-चौबंद व्यवस्था के कारण कहीं भी जाम की स्थिति देखने को नहीं मिली। चमोली पुलिस ने विभिन्न रणनीतिक बिंदुओं पर बैरिकेडिंग, वन-वे रूट और मुख्य आयोजन स्थल से दूर चिन्हित स्थानों पर पार्किंग की व्यापक व्यवस्था की थी। इस वजह से छोटे-बड़े सभी वाहनों का आवागमन बेहद व्यवस्थित ढंग से संचालित होता रहा।।
स्थानीय जनता और प्रवासियों ने की पुलिस के प्रयासों की सराहना
आमतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े धार्मिक मेलों के दौरान संकरे रास्तों के कारण घंटों लंबा जाम लग जाना एक आम बात मानी जाती है। लेकिन इस बार सिद्धपीठ कुरुड़ में पुलिस प्रशासन की पूर्व-नियोजित मुस्तैदी ने इस धारणा को बदल दिया है। यातायात व्यवस्था के इस सफल क्रियान्वयन पर स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और मेले में शामिल होने आए प्रवासी उत्तराखंडियों ने चमोली पुलिस की खुले दिल से सराहना की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का यह प्रयास न केवल सराहनीय है बल्कि बेहद सहयोगात्मक भी है, जिससे आम जनता और दुकानदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
“बिना परेशानी के दर्शन और सुरक्षित वापसी” हमारा मुख्य लक्ष्य: चमोली पुलिस
चमोली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पुलिस बल का एकमात्र और मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालु और स्थानीय जनता बिना किसी मानसिक या शारीरिक परेशानी के सिद्धपीठ कुरुड़ मेले में पहुंच सकें, माँ नंदा के सुगमता से दर्शन कर सकें और अंत में पूरी सुरक्षा के साथ अपने-अपने गंतव्य व घरों को लौट सकें। पुलिस की अलग-अलग टीमें न सिर्फ रास्तों पर मुस्तैद हैं, बल्कि हेल्पडेस्क के माध्यम से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए भी लगातार सक्रिय हैं।
पुलिस की अपील: यातायात नियमों का पालन कर प्रशासन का सहयोग करें
मेले के सफल संचालन और आगामी दो दिनों में भीड़ की संभावित वृद्धि को देखते हुए चमोली पुलिस ने एक बार फिर आम जनता और वाहन चालकों से सहयोग की अपील की है। पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि “यातायात व्यवस्था को बेहतर और सुगम बनाए रखने में जनता का सहयोग हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।” पुलिस ने अपील की है कि:
- वाहन चालक अपने वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही पार्क करें, सड़कों के किनारे अवैध पार्किंग से बचें।
- गति सीमा का विशेष ध्यान रखें और पहाड़ों के संवेदनशील रास्तों पर ओवरटेकिंग करने से परहेज करें।
- ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और होमगार्ड्स के निर्देशों व रूट डायवर्जन का पूरी तरह पालन करें।

