देहरादून: उत्तराखंडी सिनेमा जगत और क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। उत्तराखंड की बहुचर्चित और ऐतिहासिक सुपरहिट गढ़वाली फिल्म ‘घरजवैं’ में मुख्य नायिका की यादगार भूमिका निभाने वाली दिग्गज अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी का निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई के एक अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी अंतिम सांसें लीं। वह पिछले काफी लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार चल रही थीं। उनके अचानक चले जाने से पूरे उत्तराखंडी कला, संगीत और सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस दुखद समाचार के सामने आने के बाद उत्तराखंड के वरिष्ठ लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी, रंगकर्मी बलदेव राणा, निर्माता पाराशर गौड़ सहित तमाम लोक कलाकारों, निर्देशकों और प्रशंसकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि दिग्गज अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी का निधन क्षेत्रीय सिनेमा के एक स्वर्णिम युग का अंत है।
भाई के चले जाने के बाद से गहरे सदमे में थीं शांति
पारिवारिक सूत्रों और करीबी सहयोगियों के अनुसार, दिग्गज अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी का निधन लंबी बीमारी के बाद हुआ है और वह पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। बताया जाता है कि लगभग एक दशक पहले उनके सगे भाई मनोहर चतुर्वेदी का आकस्मिक निधन हो गया था। भाई की मृत्यु ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया था और वह पूरी तरह से टूट चुकी थीं। इस गहरे पारिवारिक सदमे के बाद से ही उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता चला गया, जिसके कारण आखिरकार मुंबई के अस्पताल में इलाज के दौरान दिग्गज अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी का निधन हो गया।
33 से अधिक क्षेत्रीय फिल्मों में बिखेरा अभिनय का जलवा
शांति चतुर्वेदी न केवल गढ़वाली सिनेमा, बल्कि पूरे भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा का एक जाना-माना नाम थीं। दिग्गज अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी का निधन उस कलात्मक विरासत को थाम गया है, जिसके तहत उन्होंने अपने शानदार अभिनय करियर में बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए गढ़वाली, हरियाणवी, भोजपुरी और राजस्थानी समेत 33 से अधिक फिल्मों में काम किया था। भाषाओं की सीमाओं को लांघकर उन्होंने हर एक इंडस्ट्री में अपनी अमिट छाप छोड़ी। फिल्मों के अलावा, वह उत्तराखंड के बेहद लोकप्रिय पारंपरिक वीडियो एल्बम ‘माला कु श्याम’ में भी मुख्य अभिनय करती नजर आई थीं, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा था।
‘घरजवैं’: उत्तराखंडी सिनेमा का वह मील का पत्थर जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता
शांति चतुर्वेदी को सबसे ज्यादा लोकप्रियता और पहचान वर्ष 1986 में रिलीज हुई ऐतिहासिक फिल्म ‘घरजवैं’ से मिली। यह फिल्म उत्तराखंडी सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जाती है।
- बजट और भव्यता: उस दौर में यह फिल्म तब की भारी-भरकम राशि 35 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई थी, जो उस समय के लिहाज से क्षेत्रीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्म थी।
- कमाई और सफलता: यह फिल्म न केवल लागत के मामले में सबसे आगे थी, बल्कि कमाई और लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे सफल फिल्म साबित हुई।
- ऐतिहासिक रिकॉर्ड: इस फिल्म की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने देश की राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध संगम सिनेमा हॉल में लगातार 29 हफ्तों तक चलने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था, जो आज भी एक मिसाल है।
‘माला’ के किरदार से हमेशा जीवित रहेंगी शांति
‘घरजवैं’ फिल्म में उन्होंने मुख्य नायिका ‘माला’ का जीवंत किरदार निभाया था। इस फिल्म में उनके सादगी भरे अभिनय, संवाद अदायगी और पारंपरिक पहाड़ी परिवेश को लोगों ने इतना पसंद किया कि वह घर-घर में ‘माला’ के नाम से ही पहचान बनाने में कामयाब रहीं। फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति को एक वैश्विक मंच प्रदान किया था। आज दिग्गज अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी का निधन होने के बाद भी उनका यह किरदार सिनेप्रेमियों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा।
कला जगत में अपूरणीय क्षति, दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
दिग्गज अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी का निधन उत्तराखंडी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उनके निधन पर उत्तराखंड के गौरव और प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने गहरा दुख जताते हुए कहा, “शांति जी ने गढ़वाली सिनेमा को जो पहचान दिलाई, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। उनका अभिनय हमारी संस्कृति की महक बिखेरता था।”
उत्तराखंडी रंगमंच के वरिष्ठ कलाकार बलदेव राणा और अन्य कला प्रेमियों ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। भले ही आज हमारी प्रिय ‘माला’ हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन गढ़वाली सिनेमा के पन्नों पर उनका नाम हमेशा सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेगा।

