धनतेरस के पावन अवसर पर नोएडा के सेक्टर-51 स्थित ‘भारतीय धरोहर’ के सभागार में हुआ भगवान धन्वंतरि का विधिवत पूजन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नोएडा 6 नवंबर : धनतेरस के पावन अवसर पर सेक्टर-51 स्थित ‘भारतीय धरोहर’ के सभागार में चिकित्सा विज्ञान के आदि प्रवर्तक भगवान धन्वंतरि का विधिवत पूजन और वंदन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में वक्ताओं ने आयुर्वेद की प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा, वर्तमान समय में इसकी बढ़ती प्रासंगिकता और जन-जन तक इसके प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जुड़ रहा आयुर्वेद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), दिल्ली के डीन प्रोफेसर डॉ. महेश ब्यास ने भगवान धन्वंतरि के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि भगवान धन्वंतरि ने शल्य चिकित्सा के सिद्धांतों का प्रतिपादन कर चिकित्सा विज्ञान को एक महत्वपूर्ण दिशा दी।
डॉ. ब्यास ने बदलते दौर और जीवनशैली के अनुरूप आयुर्वेद को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा:
- आचार्य चरक ने भी आयुर्वेद में युगानुकूल परिवर्तन और परिवर्धन की बात कही है।
- आज देश के विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) के साथ आयुर्वेद के क्षेत्र में हो रहे समझौता ज्ञापन (MoU) इस बात का प्रमाण हैं कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ इसका बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।
‘हर घर आयुर्वेद’ का संदेश पहुंचा रही संस्था
इस अवसर पर डॉ. सूर्यकांत शर्मा ने ‘भारतीय धरोहर’ संस्था द्वारा आयुर्वेद के संरक्षण, संवर्धन और जनजागरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि के पूजन की पौराणिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ‘हर घर आयुर्वेद‘ के संदेश को समाज तक पहुंचा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक समग्र जीवनशैली है।
युवाओं तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का हो उपयोग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुरेंद्र चौहान ने आयुर्वेद की उपयोगिता को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के लिए आधुनिक संचार माध्यमों, हाईटेक तकनीक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अधिक से अधिक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए ही नई पीढ़ी तक आयुर्वेद के ज्ञान और इसके व्यावहारिक महत्व को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने भगवान धन्वंतरि का पूजन कर स्वस्थ समाज और निरोगी जीवन की कामना की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना रहा। इस मौके पर प्रोफेसर प्रदीप कुमार वेदवाल, डॉ. मनीषा शर्मा, डॉ. सत्यदेव त्यागी, डॉ. नमन शर्मा, एन.के. अग्रवाल, सत्यप्रकाश गुप्ता, अनेंदु आचार्य, नमित गौतम और अरुण समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

