कर्णप्रयाग में बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित अलकनंदा और पिंडर नदी के पवित्र संगम तट, कर्णप्रयाग में शुक्रवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में कर्णप्रयाग में बारिश का दौर शुरू हो गया, जिसने पूरे इलाके को कड़ाके की ठंड की आगोश में ले लिया है। इस बेमौसम और लगातार रुक-रुक कर हो रही रिमझिम फुहारों के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को अचानक आई इस भीषण ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बाजारों में पसरा सन्नाटा, सड़कों पर थमी रफ्तार
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का सबसे सीधा और व्यापक असर कर्णप्रयाग के मुख्य बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर देखने को मिला। मुख्य बाजार, जो आमतौर पर सुबह से ही स्थानीय लोगों और सीमांत क्षेत्रों से आने वाले ग्रामीणों की चहल-पहल से गुलजार रहता था, वहाँ आज पूरी तरह सन्नाटा पसरा नजर आया।
लगातार हो रही कर्णप्रयाग में बारिश के कारण मुख्य सड़कों, जैसे बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और केदारनाथ लिंक रोड पर वाहनों की आवाजाही बेहद कम रही। इक्का-दुक्का वाहन ही सड़कों पर रेंगते हुए नजर आए। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सुबह से दुकान खोलने के बाद भी ग्राहक न के बराबर पहुंचे हैं, जिससे उनका व्यापारिक टर्नओवर पूरी तरह ठप हो गया है।
घरों में कैद हुए लोग, अलाव का सहारा
तापमान में आई इस अचानक गिरावट और बर्फीली हवाओं के चलने से स्थानीय लोग अपने घरों के भीतर ही रहने को मजबूर हो गए हैं। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ठंड काफी कष्टदायक साबित हो रही है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अभी से गर्म कपड़ों, कंबलों और रूम हीटरों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
बाजार के चौराहों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव जलाकर बैठे हुए दिखाई दिए। लगातार जारी कर्णप्रयाग में बारिश ने दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों और टैक्सी चालकों की आजीविका पर भी गहरी चोट की है, क्योंकि काम न मिलने के कारण वे दिनभर अलाव के पास ही दुबके रहने को विवश दिखे।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना
स्थानीय मौसम विभाग और जानकारों के मुताबिक, कर्णप्रयाग में बारिश का यह सिलसिला निचले इलाकों में तापमान को और गिराएगा। इसके साथ ही, चमोली जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों, जैसे कि बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, और औली में हल्की से मध्यम बर्फबारी की प्रबल संभावना बनी हुई है। पहाड़ों पर होने वाली इस बर्फबारी का सीधा असर घाटी वाले इलाकों में ठंडी हवाओं के रूप में दिख रहा है, जिससे आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन अलर्ट पर
इस खराब मौसम और कर्णप्रयाग में बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन (landslide) के संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या मार्ग अवरुद्ध होने पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासन ने यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं और पहाड़ी रास्तों पर चलते समय विशेष सावधानी बरतें।
कुल मिलाकर, शुक्रवार सुबह से शुरू हुई इस कर्णप्रयाग में बारिश ने न केवल तापमान को न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दिया है, बल्कि पूरी घाटी के सामान्य जनजीवन की रफ्तार को भी धीमा कर दिया है। यदि बारिश का यह दौर आगामी 24 घंटों तक इसी तरह जारी रहता है, तो क्षेत्र में कड़ाके की ठंड का प्रकोप और ज्यादा गहरा सकता है।

