मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रेमचंद अग्रवाल गैरसैंण विधानसभा सत्र मेंभराड़ीसैंण सत्र: विपक्ष का चक्रव्यूह बनाम सरकार की रणनीति, क्या सियासी अखाड़े में धामी का ढाई दाव पलटेगा बाजी?

गैरसैंण (भराड़ीसैंण) : चमोली जिले के गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण की ठंडी हवाओं के बीच आज मंगलवार (27 अक्टूबर 2026) से उत्तराखंड विधानसभा का महत्वपूर्ण सत्र शुरू हो गया है। इस बार ठंड के मौसम में भराड़ीसैंण का तापमान भले ही कम हो, लेकिन सदन के भीतर और बाहर का राजनीतिक पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। जहां एक तरफ कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेरने का कड़ा चक्रव्यूह तैयार किया है, वहीं दूसरी तरफ सरकार भी अपनी वज्र रणनीति के साथ मैदान में डटी हुई है।

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इस पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर टिकी हैं। चूंकि इस सरकार का यह आखिरी कार्यकाल चल रहा है, इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री इस सियासी अखाड़े में धामी का ढाई दाव चलकर चुनावी समीकरणों को पूरी तरह अपने पक्ष में कर सकते हैं।

7,400 करोड़ का अनुपूरक बजट और बड़ा मास्टरस्ट्रोक

सत्र के पहले ही दिन धामी सरकार ने अपनी विकासपरक वज्र रणनीति का प्रदर्शन करते हुए सदन के पटल पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,400 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि इस बजट का मुख्य फोकस उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास और नई जनकल्याणकारी योजनाओं पर है।

चूंकि यह चुनावी वर्ष से ठीक पहले का समय है, इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि सीएम धामी राज्य के युवाओं, महिलाओं और सीमांत क्षेत्रों के लिए कोई ऐसी अभूतपूर्व लोक-लुभावन घोषणा कर सकते हैं जो सीधे जनता के दिलों को छुए। इसी रणनीतिक कदम को लेकर गलियारों में चर्चा तेज है कि सियासी अखाड़े में धामी का ढाई दाव विपक्ष के सारे चक्रव्यूह को एक झटके में ध्वस्त कर देगा।

सड़क से सदन तक विपक्ष का हंगामा, तोड़े बैरियर

ग्रीष्मकालीन राजधानी में हो रहे इस दो दिवसीय सत्र को लेकर विपक्ष पहले दिन से ही हमलावर मुद्रा में है। उत्तराखंड कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय जनमुद्दों, रोजगार और पहाड़ों की उपेक्षा के सवालों को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान किया था।

आज सत्र की शुरुआत के साथ ही भारी संख्या में प्रदर्शनकारी विधानसभा भवन की ओर बढ़े और सुरक्षा के लिए लगाए गए पुलिसिया बैरियर को भी तोड़ डाला। सदन के भीतर भी विपक्ष के विधायकों ने सत्र की अवधि केवल दो दिन रखने को लेकर कड़ा ऐतराज जताया और जोरदार हंगामा किया। विपक्ष के इस आक्रामक रुख को देखते हुए प्रशासन ने भराड़ीसैंण में करीब 1,500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती कर अभेद्य सुरक्षा घेरा बनाया है।

धामी सरकार का नया इतिहास: एक साल में दो सत्र

तमाम हंगामे और विरोध के बीच धामी सरकार ने गैरसैंण को लेकर एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। यह राज्य के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब एक ही कैलेंडर वर्ष (2026) के भीतर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में सरकार दो बार विधानसभा सत्र आयोजित करने में सफल रही है। इससे पहले मार्च 2026 में भी यहाँ बजट सत्र का सफल आयोजन किया गया था। भाजपा इसे अपनी ‘पहाड़ केंद्रित सोच’ और स्थानीय जनभावनाओं के प्रति संवेदनशीलता के रूप में पेश कर रही है, जो उसकी वज्र रणनीति का एक मजबूत हिस्सा है।

क्या होगा ‘ढाई दांव’ का असर?

कुश्ती और राजनीति में ‘ढाई दांव’ उसे कहा जाता है जिससे विरोधी चित हो जाता है और संभलने का मौका नहीं मिलता। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अनुपूरक बजट के पारित होने के साथ ही मुख्यमंत्री धामी कुछ बड़े नीतिगत फैसले या बड़ी योजनाओं की सौगात दे सकते हैं। अब देखना यह होगा कि विपक्ष के इस भारी-भरकम चक्रव्यूह के सामने सियासी अखाड़े में धामी का ढाई दाव कितना असरदार साबित होता है और सरकार इस अखाड़े से कितनी मजबूती से बाहर निकलती है।