उत्तराखंड : चमोली के खूबसूरत पर्यटक स्थल बेनीताल में दो दिवसीय वार्षिक शहीद स्मृति एवं पर्यटन मेले का विधायक अनिल नौटियाल ने किया शुभारंभ
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कर्णप्रयाग : जनपद चमोली का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बेनीताल एक बार फिर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठा है। यहाँ दो दिवसीय वार्षिक ‘शहीद स्मृति एवं पर्यटन मेले’ का भव्य और रंगारंग शुभारंभ हो गया है। इस मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
यह वार्षिक मेला उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर पुरोधा शहीद बाबा मोहन उत्तराखंडी की पावन स्मृति में आयोजित किया जाता है, जिन्होंने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर 38 दिनों तक आमरण अनशन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, उमड़ी भारी भीड़
उद्घाटन के पहले दिन क्षेत्र के विभिन्न महिला मंगल दलों और स्कूली बच्चों ने पारंपरिक पहाड़ी वेशभूषा में भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर पारंपरिक छाता बिखेरी। लोक कलाकारों ने प्रसिद्ध उत्तराखंडी गीतों पर थिरक कर कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।मेला समिति द्वारा क्षेत्र के विकास, शिक्षा और समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रबुद्ध जनों को मंच पर सम्मानित किया गया।
शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने का संकल्प
मेले के दौरान विधायक अनिल नौटियाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शहीद बाबा मोहन उत्तराखंडी और राज्य आंदोलन के सभी अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि शहीदों के त्याग और बलिदान की बदौलत ही हमें यह राज्य मिला है, और बेनीताल जैसे दूरस्थ क्षेत्रों का विकास कर उनके सपनों को साकार किया जा रहा है।
देश के पहले ‘एस्ट्रो विलेज’ के रूप में पहचान बना रहा बेनीताल
समुद्र तल से करीब 2,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बेनीताल न केवल अपनी हरी-भरी मखमली घास (बुग्याल) के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अब यह देश के पहले ‘एस्ट्रो विलेज’ (खगोल गांव) के रूप में तेजी से उभर रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग यहाँ डार्क स्काई पार्क विकसित कर रहा है, जहाँ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आधुनिक टेलिस्कोप के जरिए प्रदूषण मुक्त साफ आसमान में तारों और ग्रहों को निहारने का अनूठा आनंद ले सकेंगे। मेला समिति के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के आयोजनों से स्थानीय रोजगार और होमस्टे पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा।
