उत्कर्ष योग समिति द्वारा  आयोजित  अपने विशेष सत्र में  स्वास्थ्य शिक्षा संस्कार एवं व्यवहार के आज विशिष्ट शिविर के अवसर आनलाइन व आफलाइन बड़ी संख्या में लोग ने आरोग्य अभ्यास कार्यक्रम में भाग लिया। 

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि , संयुक्त सचिव, यूजीसी डॉ. जी एस चौहान ने आनलाइन आफलाइन प्रतिभागियों  को नववर्ष  की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्कर्ष योग द्वारा आयोजित आज के इस विशिष्ट आरोग्य शिविर में आप सभी माताओं बहनों युवाओं बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों को  हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई। उन्होंने कहा कि डॉ सत्येन्द्र सिंह द्वारा संचालित  इस मानव कल्याण के पुण्य कार्य वाले उत्कर्ष योग अभियान के लिए  मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई । उन्होंने कहा कि  डॉ सत्येन्द्र योग पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव उत्थान के लिए एक उत्साह जनक व अत्यंत उपयोगी कार्य कर रहे हैं।इसके लिए मैं उनको बहुत बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि मुझे इस अभियान में आज जुड़कर अत्यंत खुशी हो रही है।  मैं  डॉ सत्येन्द्र सिंह जी के जीवन उपयोगी  महत्वपूर्ण अभियान की  सराहना करता हूं।वे लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ एवं शांति पूर्ण जीवन शैली जीने की  पवित्र  एवं महत्वपूर्ण मिशन का काम कर रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर गुरु नानक, महात्मा बुद्ध, कबीरदास जी व रैदास जी व स्वामी विवेकानंद जैसे अनेक हुतात्माओ  के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। जल ही जीवन है । अतः इस के संरक्षण हेतु हम सभी को विशेष प्रयास करना चाहिए। यह  राष्ट्र की सबसे बड़ी सेवा है ।उन्होंने इस मौके पर सभी लोगों का आह्वान किया कि वे अपने जीवन में योग को  अवश्य अपनाएं। उन्होंने ने कहा  कि युवाओं  का इसमें जुड़ना और भी सौभाग्य की बात है। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे इसी तरह इस मानवता के मिशन में भाग लेते रहें। उत्कर्ष योग का यह आफलाइन व आनलाइन कार्यक्रम सचमुच में अद्भुत एवं अनुकरणीय  अभियान है। आप  रोज इसी तरह  से इससे जुड़कर  लाभ उठाते रहे हैं। आप सपरिवार अपने ऐसे मित्रों, रिश्तेदारों व परिचितों को भी योग के प्रति जागरूक करने का उपक्रम अवश्य करें। अधिक से अधिक संख्या में  जुड़कर व अन्यों को जोड़कर  उत्कर्ष योग के इस स्वस्थता के  अनुकरणीय मिशन को आगे बढ़ाते रहें।  देश में लोग स्वस्थ रहेंगे तो इससे हमारे देश में खुशहाली आएगी। हर व्यक्ति स्वस्थ रहेगा ,तो देश और आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि उनके इस मानवहित आरोग्य अभ्यास अभियान से देश विदेश में भारी संख्या में जुड़कर लोगों को शारीरिक मानसिक और मनोवैज्ञानिक बीमारियों से निजात मिल रही है। यह कार्य  सराहनीय  एवं अनुकरणीय है।

 इस अवसर पर योग गुरु डॉ सत्येन्द्र सिंह ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके जैसे अतिविशिष्ट  लोगों के जुड़ने से उत्कर्ष योग साधक साधिकाओं को प्ररेणा एवं प्रोत्साहन मिलती है।  योग के माध्यम से जुड़कर हम  बीमारियों से आजादी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने योग को सामाजिक व स्वअनुशासन  बताया साथ ही स्वयं, परिवार समाज देश की प्रति वचनबद्धता को संविधान की उद्देशिका से जोड़कर बताया कि मानसिक शारीरिक व मनौवैज्ञानिक  व सामाजिक बीमारियों से छुटकारा पाकर अपने कर्तव्य का निर्वाह करना देश के संविधान के प्रति बचनबद्धता है और इसका आधार शिक्षा संस्कार एवं व्यवहार है। उन्होंने कहा

हमें आजादी लेनी होगी धर्म क्षेत्र भाषा व जातिगत भेदभाव से 

इन सबसे ऊपर उठकर राष्ट्रहित देशहित में काम करना होगा।

और इस दिशा में स्वअनुशासन पहला कदम है ,जो योग से संभव है। उत्कर्ष इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसलिए हमारा नारा भी है

 “उत्कर्ष योग का एक ही नारा घर घर हो स्वस्थ शिक्षित संस्कारवान हमारा”

उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य, शिक्षा संस्कार एवं व्यवहार के इस बड़े अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने की अपील की।