राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने पहली और दूसरी कक्षा का जो नया पाठ्यक्रम तैयार किया था उसे नेशनल काउंसिल आफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने मंजूरी दे दी है। इस वर्ष जुलाई में नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने पर राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक व दो के विद्यार्थी इस नए पाठ्यक्रम के साथ पढ़ाई प्रारंभ करेंगे। ये विद्यार्थी हिंदी पुस्तक रिमझिम के स्थान पर सारंगी और अंग्रेजी मैरीगोल्ड की जगह मृदंग पुस्तक से पढ़ाई करेंगे। कक्षा एक और कक्षा दो की पाठ्य पुस्तकों के नाम परिवर्तन किए गए हैं।

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नेशनल काउंसिल आफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषय की किताबों में यह बदलाव किया है। राज्य में स्टेट काउंसिल आफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) ने निदेशक बंदना गर्ब्याल के नेतृत्व में पाठ्यचर्या के माध्यम से इन दोनों प्रारंभिक कक्षाओं के विषयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप परिवर्तित और आवश्यक अध्यायों को शामिल किया है।

करीब आठ महीने तक पाठ्यचर्या पर विशेषज्ञों की टीम ने अध्ययन किया और आमजन के सुझाव भी लिए। माध्यमिक शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि प्रदेशभर के समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में निर्देशित किया गया है। ताकि सत्र प्रारंभ होने पर छात्रों को नई पुस्तकों की कमी न हो।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों से प्राप्त पाठ्यचर्या की गहन अध्ययन करने के बाद कक्षा एक और दो को पढ़ाने के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर नगरासू (रुदप्रयाग) के वरिष्ठ शिक्षक राकेश नैनवाल ने बताया कि प्राथमिक शिक्षा के कक्षा-एक और दो के पाठ्यक्रमों में बदलाव करीब 10 से 12 साल बाद हो रहा है। किताबों में यह बदलाव उपयोगी और रुचिकर है।