पौड़ी : जिले के कल्जीखाल ब्लॉक स्थित मुंडेश्वर में ऐतिहासिक खैरालिंग कौथिग (मेला) का भव्य और सफल समापन हुआ। इस दो दिवसीय धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के आखिरी दिन स्थानीय लोगों और प्रवासी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ सभी ने ढोल-दमाऊं की पारंपरिक थाप के बीच पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गढ़कला सांस्कृतिक संस्थान के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लोकगायक अनिल बिष्ट के गीतों में दर्शकों ने खूब लुत्फ उठाया। इस दौरान लोक कलाकारों मनीष पंवार, दीपक चौहान, प्रीती कोली, रावत चौंदकोटिया और जीतेन्द्र जैरवान ने भी शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
खैरागढ़ मेला आनंद और उत्सव का संगम देखने को मिला। मेला आयोजकों द्वारा युवाओं और बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूलों, ऊंट की सवारी का इंतजाम किया गया था। साथ ही स्थानीय उत्पादों के अलावा पड़ोसी प्रदेश के उत्पादों के स्टाल लगाए गए थे जहां पर लोग अपनी पसंद के उत्पात आसानी से खरीद रहे थे। इसके अलावा सुरक्षा व व्यवस्था को दुरस्त बनाये रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किये हुए थे। हाँ पार्किंग की समस्या से लोग जूझते दिखे जिससे जाम की स्थिति बनी रही।
मेले के अंतिम दिन जिला पंचायत उपाध्यक्ष आरती नेगी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि की कामना की और युवाओ से कहा कि मेले की परंपरा को बनाये रखें। उन्होंने मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए जिला पंचायत मद से 5 लाख तक की सहायता देने की घोषणा भी की।
खैरालिंग कौथिग के समापन के अवसर पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि यह सांस्कृतिक मेले के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा इस मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ- साथ खेलकूद की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। पशु बलि बंद होने के बाद इस मेले का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य पूनम नेगी, पूर्व निदेशक डीसीबी कोटद्वार नरेंद्र नेगी, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद धनसि, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नीलम डबराल, मंदिर समिति के अध्यक्ष अनिल नेगी सहित कई जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल सञ्चालन पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय डबराल “मिंटू” ने किया।

