पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।परिश्रम, अनुशासन और संस्कार से हर लक्ष्य संभव: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

परिश्रम, अनुशासन और संस्कार से हर लक्ष्य संभव: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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रुड़की: विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखण्ड द्वारा रुड़की में एक भव्य ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका’ का लोकार्पण भी किया।

मेधावियों को प्रेरणा और नई ऊर्जा

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा:

  • विद्यार्थियों की उत्कृष्ट सफलता यह सिद्ध करती है कि परिश्रम, अनुशासन और संस्कार के बल पर हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
  • यह सम्मान मेधावियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा और भविष्य की परीक्षाओं व जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।
  • विद्या भारती ने सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा देकर देशभर में शिक्षा और संस्कार की मजबूत नींव रखी है।

शिक्षा क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला:

  • नई शिक्षा नीति (NEP): उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति लागू कर शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाया है। [1]
  • स्कूली सुविधाएं: सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, जूते-बैग वितरण, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना और भारत भ्रमण कार्यक्रम जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास: राज्य में मॉडल कॉलेजों की स्थापना, आईटी लैब एवं छात्रावास निर्माण जैसे अनेक कार्य किए जा रहे हैं।
  • ‘कौशलम्’ कार्यक्रम: युवाओं में कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इस विशेष कार्यक्रम का संचालन किया जा रही है।
  • विद्यार्थी ही विकसित भारत का भविष्य
  • मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे भारत के वर्तमान और भविष्य हैं। उनके ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता के बल पर ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार किया जा सकेगा और भारत पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा।
  • कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति
  • इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षाविद् मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
  • विशिष्ट अतिथि व पदाधिकारी: श्रीमती कौशल्या देवी आर्या (अध्यक्ष, आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर रुड़की), श्री डोमेश्वर साहू (केंद्रीय संगठन मंत्री, विद्या भारती), डॉ. रजनीकांत शुक्ला (मंत्री, भारतीय शिक्षा समिति)।
  • जनप्रतिनिधि: श्री कमल किशोर पंत (निदेशक, आईआईटी रुड़की), किरण चौधरी (जिला पंचायत अध्यक्ष), अनीता अग्रवाल (मेयर, रुड़की), डॉ. मधु सिंह (जिलाध्यक्ष, भाजपा रुड़की), राज्यमंत्री श्री श्यामवीर सिंह सैनी, श्री दिनेश कौशिक, श्री अजीत चौधरी और श्री आदेश सैनी।
  • प्रशासनिक अधिकारी: श्री मयूर दीक्षित (जिलाधिकारी), श्री नवनीत सिंह भुल्लर (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक), श्री दीपक रामचंद्र सेठ (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट) और श्री देवेंद्र नेगी (उप जिलाधिकारी, भगवानपुर)।