दशहरा उत्सव 2025 : देशभर में आज विजयदशमी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। लेकिन कुछ शहरों में पुतला दहन से ठीक पहले बारिश ने लोगों के उत्साह में खलल डाला। बारिश से कहीं पुतले गीले हो गए तो कहीं उन्हें काफी क्षति पहुंची ।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में भी आज दशहरा पर रावण दहन का मुख्य आयोजन हुआ। यहां आजादी के बाद से ही बन्नू बिरादरी की ओर से दशहरा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यहां 121 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था। साथ ही मेघनाद और कुंभकरण का पुतला 70 और 75 फीट का लगाया गया था , यही नहीं इस बार रावण की सोने की लंका भी बनाई गई थी। लेकिन बारिश ने दशहरे के उल्लास में खलल डाल दिया।
परेड ग्राउंड में दशहरा पर्व से 3 दिन पहले ही पुतले खड़े कर दिए गए थे। उस दौरान भी भारी बारिश के कारण पुतले गीले हो गये थे। लेकिन दो दिनों तक हुई कड़क धूप के चलते संभावना जताई जा रही थी कि बेहतर ढंग से रावण का पुतला दहन किया जाएगा परंतु दहन से पहले ही बारिश शुरू होने के कारण रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों को भारी क्षति पहुंची जिसके कारण उन्हें दहन करने में बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बारिश की वजह से न तो रावण की लंका जल पाई, और कुंभकरण और मेघनाद का पुतला भी आधा अधूरा ही जला। यही नहीं, रावण का पुतला भी इतना गीला हो गया था कि जलाने से पहले उस पर डीजल भी डाला गया, पर रावण का पुतला पूरी तरह से नहीं जल पाया । बार दशहरा कार्यक्रम में सोने की लंका भी बनाई गई।
बारिश हल्की होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड मैदान पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज विजयदशमी पर्व पर भगवान इंद्र भी प्रत्यक्ष रूप से हमारे बीच आ गए है। बुराई के रूप में अन्याय के रूप में अहंकार के रूप में हर साल रावण जलाया जाता है। हम सभी को श्रीराम के जीवन से सीखना चाहिए कि उन्होंने अपने जीवन में अनेक परेशानी झेली, लेकिन अपने मार्ग से नहीं भटके। उनका जीवन सिखाता है कि अपने मन में करुणा, प्रेम भाव रखना है। विजयदशमी पर संकल्प ले कि विकसित भारत के संकल्प में योगदान देना हैं।
परेड ग्राउंड में प्रतिवर्ष दशहरा पर्व के दौरान हजारों की संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होते हैं। इस वर्ष भी परेड ग्राउंड में हजारों की भीड़ देखने को मिली, लेकिन बारिश की वजह से लंका, मेघनाद, कुंभकरण और रावण का पुतला पूरी तरह से नहीं जल पाने के कारण लोग मायूस नजर आए। हालांकि, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी समेत कई विधायक भी शामिल हुए।
