नई दिल्ली : उत्तराखंड फिल्म एवं नाट्य संस्थान नई दिल्ली द्वारा उत्तराखंड रजत जयंती वर्षगांठ के अवसर पर रविवार 30 नवंबर को दिल्ली एनसीआर के 15 उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों को “उत्तराखंड माटी रत्न सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल राम रतन नेगी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अवसर पर मुख्य अतिथि कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि लम्बे समय से चल रहे अचिन्हित उत्तराखंड आंदोलनकारियों का आंदोलन जायज है मेरा आंदोलनकारियों को पूर्ण समर्थन है उनके हक के लिए हर स्तर पर लड़ने को तैयार हूं। मुझे जब भी आवाज देगें मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा ।
बिशिष्ठ अतिथि ” रावत आइएएस ऐकेडमी, देहरादून के निदेशक प्रोफेसर जी एस रावत ने कहा कि सरकार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की मांग को नजरअंदाज करना उचित नहीं है । उन्होंने कहा दिल्ली एनसीआर के उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के बच्चों को जो सिविल सर्विस की कोचिंग लेने के इच्छुक हों उन्हें मेरी ऐकेडमी निःशुल्क कोचिंग देगी ।
बिशिष्ठ अतिथि राज्यमंत्री उत्तराखंड सरकार पी सी नैनवाल ने कहा कि धामी जी की सरकार राज्य आंदोलनकारियों के प्रति संवेदनशील है जो आंदोलनककारी अचिन्हित रह गये हैं वे चिन्हित किए जाऐंगे उनका हक उन्हें हमारी सरकार देगी।
सम्मानित होने वाले आंदोलनकारी
उत्तराखंड माटी रत्न सम्मान 2025 से दिल्ली एनसीआर से जिन उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया उनमें डा. हरीश चंद्र लखेड़ा , प्रताप शाही, खुशाल सिंह बिष्ट, मनमोहन शाह, सुभागा खंडूरी, रामेश्वर गोस्वामी, अनिल पंत, शिव सिंह रावत, उमा जोशी, रविंद्र चौहान, पुष्पा घुघतियाल, नरेंद्र बिष्ट, आर एस भर्तवाल, डिनर सिंह प्रत्यायल व समाज सेविका रोशनी चमोली ।
संस्थान की चेयरपर्सन संयोगिता ध्यानी ने कहा कि जो आन्दोलनकारी इस सम्मान को पाने से छूटे है उन्हें अगले वर्ष सम्मानित किया जायेगा।
राकेश गुसांई के संगीत निर्देशन में संस्थान के कलाकारों ने उत्तराखंड की लोक-संस्कृति को मंच पर बखूबी उकेरा ।
संस्थान के उद्देश्यों को संस्थान के प्रशासक बी.लाल शास्त्री ने विस्तार से रखा। मंच संचालन संस्थान के सचिव रविंद्र रावत उर्फ गौरी ने बखूबी किया।
