सीएम धामी ने लिया अहम फैसला-देवस्थानम बोर्ड भंग 

DEVSTHANAM BOARD: पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के द्वारा 2019 में बनाये गए देवस्थानम बोर्ड के फैसले को सीएम धामी ने किया निरस्त। उनके इस फैसले से तीर्थ पुरोहितों और साधु संतो में ख़ुशी की लहर है। पिछले कई दिनों से सरकार और पुरोहितों में इसको लेकर चल रही थी तकरार। 

चुनावों को देखते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी द्वारा इसे चुनावी मुद्दा बनाने से भी सरकार पर दवाब बना हुआ था। तीर्थ पुरोहित के विरोध को देखते हुए ही धामी सरकार ने इस पर एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने टवीट किया कि चारधाम से जुड़े तीर्थ पुरोहितों व हक़ हकूकधारियों की भावनाओं एवं हितों का सम्मान रखते हुए मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर ही हमारी सरकार ने देवस्थानम बोर्ड अधिनियम को वापिस लेने का फैसला किया है। 

मुख्यमंत्री के इस फैसले पर श्री पांच गंगोत्री मंदिर के अध्यक्ष रावल हरीश सेमवाल ने कहा कि ये सत्य और सनातनी परम्पराओं की जीत है। सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय पर मैं उनका आभार करता हूँ और जल्द ही चारों धामों से तीर्थपुरोहित मुख्यमंत्री से मिलकर उनका धन्यवाद करने जायेंगे। आखिर सरकार ने माना कि तीर्थपुरोहितों की लड़ाई सत्य की लड़ाई थी। चारधाम तीर्थपुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्ण कांत कोठियाल ने बताया कि हम सत्य के साथ खड़े थे और सत्य कभी हार नहीं सकता।  और आखिरकार सरकार को सत्य के साथ खड़ा होना पड़ा इसके लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद।  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी (निरंजनी) भी इस फैसले से खुश नज़र आये।  उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड भंग होने से साधु संतों के साथ ही तीर्थ पुरोहितों में भी खुशी की लहर है और प्रदेश सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से आने वाले समय में सरकार को फायदा मिलेगा। 



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *