बदरीनाथ धाम में नर-नारायण उत्सव का आयोजन श्रद्धालुओं ने 

निकाली भव्य डोली शोभायात्रा 

कर्णप्रयाग : बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा प्रति वर्ष नर-नारायण जयंती का आयोजन परंपरागत रूप से किया जाता है और उत्सव यात्रा निकाली जाती है। इस बार दो दिवसीय नर नारायण जयंती उत्सव बुधवार से शुरू हो गया है। बदरीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना व बाल भोग आयोजित हुआ इसके बाद धाम से माता मूर्ति मंदिर तक तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं ने नर-नारायण की उत्सव डोली की भव्य शोभायात्रा निकाली। यह शोभा यात्रा वीरवार को भगवान बद्रीनाथ की जन्मस्थली लीलाढुंगी पहुंचेगी जो कि बद्रीनाथ धाम से कुछ सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पूजा-अर्चना के साथ ही श्रद्धालु भजन-कीर्तन का आयोजन करेंगे।




बुधवार को सुबह बदरीनाथ धाम से भगवान नर और नारायण की प्रतिमाओं को पालकी में विराजमान कर माणा गांव स्थित माता मूर्ति मंदिर ले जाया गया। अपर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल और माता मूर्ति मंदिर के पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी ने पूजा-अर्चना संपन्न की। इसके बाद नर-नारायण की डोली ने बदरीशपुरी का भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। दोपहर डेढ़ बजे नर-नारायण की उत्सव डोली बदरीनाथ धाम पहुंची। इस दौरान बामणी और माणा गांव के ग्रामीणों और तीर्थयात्रियों ने भजन कीर्तन किए। बृहस्पतिवार को नर-नारायण की उत्सव डोली बामणी गांव स्थित लीलाढुंगी पहुंचेगी। मान्यता है कि लीलाढुंगी में ही भगवान बदरीनाथ प्रकट हुए थे।  भगवान विष्णु के 24 अवतारों में शामिल नर-नारायण ने सतयुग में अवतार लिया और बद्ररिकाश्रम में तपस्या की। बदरीनाथ में उनके अवतरण की खुशी में सदियों से हर वर्ष नर-नारायण जयंती मनाते हैं।। इस मौके पर नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी, राजेंद्र चौहान, रविंद्र भट्ट, राजदीप मेहता, सोहन बैजवारी, जितेंद्र मेहता, कुलदीप सनवाल आदि मौजूद रहे।

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