अंकिता मर्डर केस में पूर्व पटवारी निलंबित इस प्रकरण में उनकी 

संदेहास्पद भूमिका 

ANKITA BHANDARI MURDER CASE : अंकिता हत्याकांड केस में सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शक के दायरे में चल रहे पूर्व पटवारी वैभव प्रताप को निलंबित करने के आदेश जारी किए।

विगत 18 सितम्बर को वनंतरा  रेजॉर्ट से रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी जिसकी खबर रेजॉर्ट के मालिक आरोपी पुलकित आर्य ने 19 सितंबर को कंडाखाल चौकी के राजस्व विभाग के पटवारी वैभव प्रताप को दी थी। उसने जांच के नाम पर अंकिता के पहचान संबंधी दस्तावेजों के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क किया था लेकिन गुमशुदगी दर्ज करने से पहले ही वह छुट्टी पर चला गया था जिसके बाद इस चौकी का चार्ज 20 सितंबर को पटवारी विवेक कुमार को दिया गया था। इस पूरे मामले की गाज उन्हीं पर आकर गिरी। 




सोशल मीडिया के माध्यम से और कुछ पत्रकारों की कोशिश से ये बात सामने आई कि पटवारी वैभव प्रताप के रेजॉर्ट मालिक आरोपी पुलकित से गहरे संबंध हैं और इस मामले पर पर्दा डालने की नियत से ही वो छुट्टी पर गया है। जिसके बाद उस पर संदेह गहरा गया और वह शक के दायरे में आ गया। सोशल मीडिया की माने तो इस पूरे प्रकरण में पुलकित आर्य के साथ पटवारी वैभव प्रताप भी बराबर का  दोषी है क्योंकि उसके ड्यूटी में रहते ही अंकिता भंडारी का मर्डर हुआ था। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर संज्ञान लेते हुए उसको निलंबित कर दिया है। पटवारी वैभव अंकिता को न्याय दिलाने में एक अहम कड़ी हो सकता है। इसलिए SIT को भी चाहिए कि उसको जल्द से जल्द गिरफ्तार कर मामले की सच्चाई को सबके सामने लाये । 

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