हृदय की गहराईयों से धन्यवाद मेरे शब्दों को दिव्य पहाड़ में स्थान देने के लिए भैजी, बस दर्द था पहाड़ का Post navigation ऐ मेरा पाड़ तेन न ज्वानि देखि न विकास अब त टूटी सैरि आस-कुछ यूं छलका राज्य आंदोलनकारी उदय ममगाईं राठी के दिल का दर्द कच्ची शराब पीने से हरिद्वार के फूलपुर में 7 लोगों की मौत गांव में पसरा मातम