हरिद्वार : मंगलवार को कनखल क्षेत्र के अंतर्गत बैरागी कैम्प में एक परिवार बेहोशी की हालत में पाया गया है। पुलिस ने परिवार को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
जानकारी के अनुसार टिहरी जिले के घनसाली से एक परिवार घूमने के लिए हरिद्वार आया था। इनमें एक महिला और तीन पुरुष शामिल थे। हरिद्वार बस अड्डा पहुंचने पर इनको यहाँ एक नेपाली मूल का ऑटो वाला मिला। उसने परिवार को अपनी बातों के जाल में फंसाकर उन्हें चाय पीने को दी। चूंकि पहाड़ के लोग भोले भाले होते हैं इसलिए वे इन ठगों के जाल में आसानी से फंस जाते है, यही इस परिवार के साथ भी हुआ। चाय पीते ही उन्हें बेहोशी छाने लगी और ऑटो वाला ने उन्हें ऑटो में बैठाकर कनखल के बैरागी कैंप क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने जब परिवार के लोगों को अचेत अवस्था में देखा तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी अचेत व्यक्तियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां थोड़ा होश आने पर एक व्यक्ति ने बताया की वो टिहरी जिले में घनसाली के रहने वाले हैं और वहां से हरिद्वार घूमने के मकसद से आये थे। रोडवेज बस स्टैंड के पास उन्हें एक नेपाली मूल का व्यक्ति मिला उसने हमसे नजदीकियां बढाकर चाय पिला दी जिसके बाद वह उन्हें ऑटो में बैठाकर ले गया। बेसुध होने पर वह हमें बैरागी कैंप में छोड़कर भाग गया। परिवार के सदस्यों के मोबाइल फ़ोन और नगदी भी गायब बताये जा रहे हैं। पुलिस मामले की सुनवाई कर रही है।
उत्तराखंड में जहरखुरानी गिरोहों के सक्रीय होने की बात पुलिस अक्सर बताती रहती है। लेकिन ये इतने शातिर होते हैं कि पहाड़ के भोले भाले लोगों को अक्सर अपने जाल में फंसा ही लेते हैं। हम इस खबर के माध्यम से आपको सचेत कर रहे हैं कि यात्रा करते समय किसी भी अनजान व्यक्ति से नजदीकियां न बढ़ाएं और किसी के देने पर कुछ भी खाएं पियें नहीं।