उत्तराखंड : उत्तरकाशी के नौगांव में करोड़ों रूपये के सेब घोटाले की होगी SIT जांच





उत्तरकाशी :
नौगांव सेब सहकारी समिति में करोड़ों रूपये का सेब घोटाला सामने आने के बाद सरकार ने इसकी एसआईटी जांच की अनुमति दे दी है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, विभागीय जांच में कई अनियमितताएं मिली हैं। इस मामले में जो भी दोषी होगा उसे बक्शा नहीं जायेगा। 

सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह के मुताबिक, कुछ समय पूर्व नौगांव सेब सहकारी समिति के तहत सेब क्रय-विक्रय में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। उस पर विभागीय जांच कराई गई। दरअसल, सेब उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में नौगांव सेब सहकारी समिति को एनसीडीसी प्रोजेक्ट से करीब पौने चार करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। 75 लाख रुपए समिति की ओर से दिए गए, जबकि इतनी ही राशि सेब खरीद करने वाली कंपनी को अपनी जेब से लगाकर खरीद करनी थी।




इस प्रक्रिया में करीब साढ़े आठ करोड़ रुपए के सेब खरीदे गए। तय किया गया था कि खरीदे गए सेब को आगे 14 से 15 करोड़ रुपए में बेचकर 06 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया जाना है। हालांकि, मुनाफा वसूली तो दूर की बात सरकार और समिति के लगाए डेढ़ करोड़ रुपए का निवेश तक फंस गया। प्राइवेट कंपनी ने किसानों से खरीदे ‘ए’ कैटेगरी के सेब को घटिया बताते हुए हिसाब बना दिया। प्राइवेट कंपनी ने बताया कि किसानों से मिला सेब खराब था, जो सड़ गया। इस सेब का बाजार में दाम भी कम मिला। जांच में प्रथम दृष्टया करोड़ों की गड़बड़ी सामने आने पर मामले की एसआईटी जांच की सिफारिश की गई थी। अब जांच की अनुमति दे दी गई है।

विभागीय मंत्री ने बताया कि एनसीडीसी प्रोजेक्ट के तहत उत्तरकाशी में सेब काश्तकारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनामृत फार्म एज ऑनर्स कंपनी से एक संयुक्त उद्यम पार्टनरशिप के आधार पर किया गया था। काश्तकारों से सेब खरीदकर बाजार में बेचा जाना था। सेब की बिक्री एफएफटीएच से की गई, जिसने समिति को बेचे गए सेब के बिल वाउचर और बैंक खाते का विवरण उपलब्ध नहीं कराया। इस संबंध में समिति के संचालक मंडल ने निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड एवं परियोजना निदेशक राज्य सहकारी विकास परियोजना को लिखित रूप से शिकायत की थी। शिकायत पर विभागीय जांच बिठाई गई। विभागीय जांच में सेब के क्रय-विक्रय में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां मिलीं।

इस पूरे घपले की जांच के लिए विभागीय जांच समिति ने उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की। विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बड़ा एक्शन लेते हुए घपले की जांच एसआईटी को सौंपने की अनुमति दे दी है। डॉ. रावत ने कहा, एसआईटी की रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 




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