पंजाब में बंधक बनाए गए जनपद चमोली के राजेश लाल को थराली उप जिलाधिकारी के प्रयासों से कराया गया मुक्त


नई दिल्ली : पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रही है जिसमें चमोली गढ़वाल उत्तराखंड के एक युवक राजेश लाल को दिखाया गया है जिसे पिछले करीब 15 सालों से एक गौशाला में बंधुआ मजदूर बनाकर रखने की बात कही गई है। वीडियो पंजाब की है । 

वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ सरदार देवदूत बनकर इसकी सच्चाई दुनिया वालों के सामने लाए हैं। वीडियो के अनुसार इस युवक के साथ गौशाला का मालिक काम न करने पर अमानवीय व्यवहार करता है। इस वीडियो को देखकर उत्तराखंड के लोगों ने प्रदेश सरकार से इस युवक का पता लगाने के लिए कहा।

उत्तराखंड प्रशासन के प्रयासों से राजेश लाल हुआ मुक्त

अब जानकारी मिल रही है कि इस वीडियो पर जनपद चमोली के थराली उप जिलाधिकारी ने संज्ञान लेकर अपने स्तर पर युवक का पता लगाया फिर अपने प्रतिनिधि को राजेश लाल के गांव भेजकर उनके माता पिता से सारी जानकारी हासिल की।

उप जिलाधिकारी के प्रतिनिधि ने बताया कि विगत दिनों वायरल हो रहे वीडियो में नारायणबगड़ के राजेश लाल का जिक्र आने पर माननीय उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट के प्रयासों से पता चला कि ये वीडियो पंजाब के एक एनजीओ रतनदेव सोसाइटी ने बनाया था। इनके संस्थापक जगजीत सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि मेहराना गांव में एक गुजर द्वारा राजेश लाल के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था। इसका जब हमें पता चला तो हमने गौशाला में जाकर जानकारी ली। जगजीत सिंह से जानकारी मिलने के बाद हम औब गांव आए तो हमें यहां राजेश लाल की भाभी मिली साथ ही उनकी बहन राजेश्वरी से भी बात हुई। पता चला कि राजेश लाल के माता पिता पंजाब के मेहराना गांव पहुंच गए हैं और राजेश लाल को उनके सुपर्त कर दिया गया है। वे संबंधित थाने में जाकर राजेश लाल के मालिक के खिलाफ एफसीआर दर्ज करवा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड प्रशासन पूरी तरह से राजेश लाल व उसके परिवार के साथ मुस्तैदी से खड़ा है। आगे जो भी निर्देश होंगे उप जिलाधिकारी उस पर उचित कार्यवाही करेंगे।

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