अनसूया मेला 2025  : दो दिवसीय अनुसूया मेला हुआ संपन्न, 275 बरोहियों ने की पूजा-अर्चना, किशन महिपाल के भजनों पर श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध




गोपेश्वर
: संतानदायिनी माता अनसूया देवी मंदिर के सभा मंडप में 275 
बरोहियों (निसंतान दंपती) की पूजा-अर्चना के साथ ही दो दिवसीय अनसूया मेला संपन्न हो गया।  बृहस्पतिवार को विधिवत पूजा अर्चना के बाद छह गांवों की मां भगवती की डोलियां अपने-अपने मंदिरों के लिए रवाना हुईं। महिलाओं ने मंदिर परिसर में मांगल गीत गाए।

बुधवार 3 नवंबर को दत्तात्रेय जयंती पर मेले का शुभारंभ जिलापंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट एवं बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला ने किया।पहले दिन देर शाम बणद्वारा, देवलधार, कठूड़ व सगर गांव की मां ज्वाला और मंडल व खल्ला गांव की मां अनसूया की रथ डोली ढोल दमाऊं के साथ अनसूया के दरबार में पहुंची। सभी देव डोलियों ने मंदिर की परिक्रमा की और सभामंडप में विराजमान हो गईं। मंदिर के मुख्य पुजारियों ने देव डोलियों की विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद संतानप्राप्ति की कामना लिए पहुंची बरोहियों को सभा मंडप में ही जप-तप के लिए बैठाया गया। अनुष्ठान के दौरान जिस महिला को सपने में माता दर्शन देती गईं वह चुपके से उठकर सभामंडप से बाहर आती गई। यह प्रक्रिया पूरी रात चलती है। रातभर मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। 




बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से ही माता अनसूया और देव डोलियों की विशेष पूजाएं हुईं। मंदिर में संतान कामना को लेकर इस वर्ष 275 बरोही पहुंचे हुए थे। पूजा-अर्चना के बाद सभी अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। पूर्वाह्न 11 बजे खल्ला गांव की डोली ने करीब एक किमी दूर अत्रि मुनि आश्रम पहुंचकर पवित्र स्नान किया और दोपहर दो बजे भोग लगने के बाद सभी डोलियों ने माता अनसूया से विदा ली। शाम सात बजे तक डोलियां अपने अपने मंदिर में विराजमान हो गईं।

इस दौरान मंदिर के पांच किलोमीटर पैदल मार्ग से लेकर मंदिर परिसर तक विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों ने भंडारे का आयोजन किया गया। सिरोली, देवलधार, बणद्वारा गांवों के साथ ही संकल्प अभियान की ओर से भंडारे लगाए गए थे।

किशन महिपाल के भजनों पर झूमे श्रद्धालु 

अनसूया मेले की सांस्कृतिक संध्या लोक गायक किशन महिपाल के नाम रही। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। रातभर चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में किशन महिपाल ने एक के बाद एक भजन व गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके द्वारा हम छां तेरा लाल बोला जय बदरीविशाल, मां अनसूया तू संतानदायिनी, हिमवंत देश होला त्रियुगीनारेण, देवतों मां देव ठुला त्रियुगीनारेण जैसे भक्तिमय और कई गढ़वाली गीतों की प्रस्तुतियां पर वहां मौजूद श्रद्धालु झूमने लगे। इस दौरान कई अन्य कलाकारों ने भी अपने अपने गीतों की प्रस्तुति दी। 

इस मौके पर अनसूया ट्रस्ट के अध्यक्ष भगत सिंह बिष्ट, देवेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, मनवर, ओम प्रकाश, मनोज तिवारी एवं हजारों के संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।




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