मौत के 19 दिन बाद ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में हुआ अनूप रावत का अंतिम संस्कार, अंतर्राष्ट्रीय समाजसेवी रोशन रतूड़ी के प्रयासों से पुर्तगाल से भारत आया पार्थिव शरीर


नई  दिल्ली : उत्तराखंड निवासी शेफ अनूप रावत का पार्थिव शरीर उनकी मौत के 19 दिन बाद स्वदेश पहुंचा। परिजनों ने ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में उनका अंतिम संस्कार किया। अनूप की मौत 20 जनवरी 2026 को पुर्तगाल में हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने अपने बेटे के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समाजसेवी रोशन रतूड़ी से अपील की थी। रतूड़ी के प्रयासों से उनके पार्थिव शरीर को भारत लाकर परिजनों के सुपुर्द किया गया। 

बता दें कि शेफ अनूप रावत  (33 वर्ष) उत्तराखंड के जनपद टिहरी के अंतर्गत ग्राम सभा कुड़ी, पट्टी के निवासी थे। पुर्तगाल में उनकी हत्या से क्षेत्र में शोक की लहर है। विदेश में हुई इस दर्दनाक घटना ने न केवल परिजनों, बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया था।

पुर्तगाल के एक रेस्टोरेंट में 11 जनवरी को, जहाँ अनूप रावत कार्यरत थे, शराब के नशे में धुत अफ्रीकी मूल के तीन लोग जबरन घुस आए थे जिसके बाद उनकी कर्मचारियों से कहासुनी हो गई थी। कहासुनी इतनी बढ़ी कि हाथापाई की नौबत आ  गई और अफ्रीकियों ने हथियारों से कर्मचारियों पर हमला कर दिया। शोर सुनकर किचन से शेफ अनूप रावत ने हालात को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उन पर कुर्सियाँ फेंककर हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई और वे मौके पर गिर पड़े। तुरंत  पुर्तगाल पुलिस व एम्बुलेंस को बुलाया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। 

घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी एवं मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोशन रतूड़ी पीड़ित परिवार की सहायता के लिए आगे आए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर आरोपियों को हिरासत में भिजवाने और मामले की निष्पक्ष जाँच की पहल की, साथ ही अनूप रावत के पार्थिव शरीर को भारत भिजवाने के लिए अथिक प्रयास किया। उनके प्रयासों से अनूप रावत के पार्थिव शरीर को 08 फरवरी 2026 रविवार को भारत में उनके परिजनों के सुपूर्द किया गया । 


 



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *