उत्तराखंड के टिहरी जनपद की बेटी श्रेष्ठा नेगी बनी चार्टर्ड अकाउंटेंट





दिल्ली :
 उत्तराखंड की बेटी श्रेष्ठा नेगी ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के फाइनल, इंटरमीडिएट और फाउंडेशन की परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने माता पिता के साथ साथ उत्तराखंड को भी गौरवान्वित किया है । 

इस बार सीए फाउंडेशन 2025 परीक्षा में कुल 82,662 उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें से 12,474 ने सफलता प्राप्त की, जिससे कुल पास प्रतिशत 15.09% रहा। इनमें से पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 43,389 थी, जिनमें से 7,056 सफल हुए और उनका पास प्रतिशत 16.26% रहा। वहीं, महिला उम्मीदवारों की संख्या 39,273 रही, जिनमें से 5,418 ने परीक्षा उत्तीर्ण की और उनका पास प्रतिशत 13.80% दर्ज किया गया। सीए के परीक्षा को उत्तीर्ण करना बहुत मुश्किल माना जाता है। ऐसे में सफलता प्राप्त करना अपने आप में एक बड़ी बात है। 

अपनी सफलता पर श्रेष्ठा नेगी ने बताया कि रिजल्ट के लिए कुछ टेंशन तो थी लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि वो इसको क्लियर कर लेंगी। उन्होंने बताया परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत के साथ साथ सही रणनीति और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा जिसका परिणाम आज सबके सामने है। अपनी इस सफलता का श्रेय मै अपने माता-पिता और अपने सभी गुरुजनों  को दूंगी क्योंकि मेरी मेहनत के साथ उन्होंने ने भी मुझे मोटीवेट किया। 




श्रेष्ठा नेगी मूलतः उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के डाबरी गाँव, थौलधार ब्लॉक से हैं और वर्तमान में दक्षिणी दिल्ली में रहती हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पुष्प विहार दिल्ली के एईएस स्कूल से हुई जिसके बाद उन्होंने दिल्ली के भगत सिंह कॉलेज से बीकॉम ऑनर्स किया। श्रेष्ठा के पिता विक्रम सिंह नेगी रियल इस्टेट में सीनियर मैनेजर के पद पर हैं और माता निर्मला नेगी शिक्षिका, लेखिका व समाजसेवी हैं। 

उनकी माता निर्मला नेगी ने बताया कि श्रेष्ठा बचपन से ही पढ़ने में अच्छी रही है। लेकिन हमने कभी भी उस पर पढ़ने या कुछ बनने का दवाब नहीं बनाया बल्कि उसे प्रोत्साहित किया कि आपकी जिस भी सब्जेक्ट में रूचि है वही करें। जब उन्होंने सीए बनने की बात हमसे कही तो शुरू में हम थोड़ा डरे कि ये कर पायेगी या नहीं क्योंकि हम दोनों हस्बैंड वाइफ की बैकराउंड कॉमर्स की नहीं थी। लेकिन मैंने तीन-चार क्वालिफाइड सीए से इस विषय पर चर्चा की और उन्होंने हमारा व  बिटिया का मार्गदर्शन किया और कहा आप चिंता मत करना। कभी कोई परेशानी हो तो बेझिझक पूछ सकती है, इसी उम्मीद से मन में सकारात्मकता आई। हालांकि मेहनत बेटी ने करनी थी लेकिन अभिभावक होने के नाते परिणाम के लिए मन में चिंता बनी हुई थी। 6 जुलाई को जब रिजल्ट आया तो हमारी आँखों से अश्रु की धारा बह निकली। बेटी के सीए बनने की ये मिश्रित खुशी थी। 

बिटिया की कड़ी मेहनत, अथक प्रयास, ईश्वर की अनुकंपा, पितरों का आशीर्वाद, उसके शिक्षकों एवं वरिष्ठ लोगों का सहयोग और शुभचिंतकों की दुआएं काम आईं। मैं उन सभी स्नेही स्वजनों को तहेदिल से धन्यवाद करती हूं। 

दिव्य पहाड़ पोर्टल की ओर से बिटिया श्रेष्ठा और नेगी परिवार को हार्दिक बधाई एव॔ उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं।




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