नई दिल्ली : उत्तराखंड नाट्य संस्थान की प्रणेता श्रीमती संयोगिता ध्यानी जी एवं उनकी समस्त टीम द्वारा 31 मई 2026 को उत्तराखंड सदन, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में प्रकृति के चितेरे कवि सुमित्रानंदन पंत जी की 127वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार श्री मदनमोहन सती जी को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक लेखन के लिए तथा सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार श्री पयाश पोखड़ा जी को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक योगदान के लिए उत्तराखंड साहित्य रत्न–2026 सम्मान से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड नाट्य संस्थान वर्ष 2015 से साहित्य एवं लेखन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले प्रबुद्ध साहित्यकारों को सुमित्रानंदन पंत साहित्य रत्न सम्मान प्रदान करता आ रहा है। संस्थान ने इस वर्ष यह निर्णय भी लिया है कि आगामी वर्षों में प्रतिवर्ष दो उत्कृष्ट रचनाकारों को इस प्रतिष्ठित सम्मान से अलंकृत किया जाएगा।
संस्थान विगत कई वर्षों से फिल्म, नाटक, साहित्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज में कला और संस्कृति के संवर्धन हेतु महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रकृति एवं मानवीय संवेदनाओं के अमर कवि सुमित्रानंदन पंत जी के जीवन, व्यक्तित्व, कृतित्व तथा प्रकृति के प्रति उनके गहरे अनुराग पर प्रकाश डाला गया।
उपस्थित गणमान्य अतिथियों, साहित्यकारों एवं बुद्धिजीवियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पंत जी के साहित्यिक योगदान को स्मरण किया तथा उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।निस्संदेह सुमित्रानंदन पंत जी हिंदी साहित्य में छायावाद युग के प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। उनकी रचनाएँ आज न केवल भारत में, बल्कि विश्व के अनेक देशों में भी आदर और रुचि के साथ पढ़ी जाती हैं तथा नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करती हैं।
