उत्तराखंड में 11 जुलाई तक भारी वर्षा का अलर्टउत्तराखंड में आफत की बारिश 11 जुलाई तक भारी वर्षा का अलर्ट, चारधाम यात्रा पर ब्रेक

उत्तराखंड में आफत की बारिश 11 जुलाई तक भारी वर्षा का अलर्ट, चारधाम यात्रा पर ब्रेक

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देहरादून : उत्तराखंड में मानसून ने पूरी तरह से रफ्तार पकड़ ली है, जिससे राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड में 11 जुलाई 2026 तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान पहाड़ों में आकाशीय बिजली गिरने, भूस्खलन होने और मैदानी इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन नदी-नालों के उफान पर आने से मुश्किलें बढ़ गई हैं।

तीन दिनों का जिलावार पूर्वानुमान (IMD बुलेटिन)

मौसम केंद्र देहरादून के अनुसार, अगले 72 घंटों में मानसून की सक्रियता चरम पर रहने वाली है। 6 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, हरिद्वार, और उधम सिंह नगर समेत 9 जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। कई संवेदनशील इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है। 7 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर अचानक तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। 8 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे सीमांत पर्वतीय जिलों में मानसून की सबसे ज्यादा गतिविधि देखी जाएगी, जहां अधिकांश स्थानों पर लगातार बारिश हो सकती है।

चारधाम यात्रा रूट प्रभावित

प्रदेश के पर्वतीय मार्गों पर जगह-जगह भूस्खलन (landslides) होने से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। प्रशासन ने रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग से मुनकटिया के बीच पैदल यात्रियों और वाहनों को एहतियात के तौर पर रोक दिया है। वहीं, बागेश्वर में लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ों की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बागेश्वर के जिला अधिकारी ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है।
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे स्याना चट्टी के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं चमोली जिले में देवाल-लोहाजंग-वाण स्टेट हाईवे गमलीगाड़ में मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है, जिसके चलते 30 से अधिक वाहन मार्ग में फंस गए हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग की मुख्य गाइडलाइन यात्रा टालें

पहाड़ों पर सफर कर रहे तीर्थयात्री और पर्यटक मौसम और सड़कों की स्थिति की पूरी जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें। रात के समय सफर करने से पूरी तरह बचें। निचले और नदी किनारे बसे इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है इसलिए नदियों से दूरी बनाएं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को नदी तटों से दूर रहने की हिदायत दी है। किसी भी अप्रिय घटना या जलभराव की स्थिति में मदद के लिए राज्य आपदा प्रबंधन के हेल्पलाइन नंबर 112 पर तत्काल संपर्क करें।