उत्तराखंड में पांच साल बाद 7 दिन देरी से पहुंचेगा मानसून बढ़ी उमस और गर्मी आज भारी बारिश की चेतावनी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Weather Alert : जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते मिजाज के कारण इस साल मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तराखंड में करीब पांच साल बाद मानसून अपने तय समय से लगभग एक सप्ताह की देरी से पहुंचेगा। मानसून में हो रही इस देरी की वजह से राज्य में गर्मी और उमस का दौर लंबे समय तक खिंचने की आशंका जताई जा रही है।
मैदानी इलाकों में सामान्य तापमान, लेकिन रातें भी हुईं गर्म
इस साल गर्मी के शुरुआती पैटर्न में बीते वर्ष जैसा ही असर देखने को मिला। कुछ दिनों को छोड़ दिया जाए तो मैदानी क्षेत्रों का अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास ही दर्ज किया गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि चिलचिलाती धूप ने ज्यादा परेशान नहीं किया, लेकिन मानसून के लेट होने से अब गर्मी का यह मौसम लंबे समय तक खिंचेगा। धीमी रफ्तार के कारण दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को रात में भी चैन नहीं मिल पा रहा है।
उमस ने बढ़ानी शुरू की मुश्किलें
राज्य में इस समय हवाओं में नमी बढ़ने के कारण उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानियां दोगुनी कर दी हैं। हालांकि, बीच-बीच में हो रही हल्की बौछारें तापमान को थोड़ा नीचे जरूर ला रही हैं, लेकिन जैसे ही बारिश रुकती है, उमस का स्तर और अधिक बढ़ जाता है।
आज के लिए भारी बारिश का अलर्ट
भले ही मुख्य मानसून के पहुंचने में अभी कुछ दिनों की देरी है, लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि अन्य जिलों में भी बिजली चमकने और तेज दौर की बारिश की संभावना है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में भी बिजली चमकने और 40 किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से आने वाले चौबीस घंटों में अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

