भाषा संरक्षण और पौधरोपण के साथ दिल्ली में मना गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी का जन्मदिन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नई दिल्ली: दिल्ली के अशोक नगर स्थित डीपीएमआई सभागार में कल उत्तराखंड के लोकगायक गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। भाषा अभियान संचालन समिति ने इस दिन को ‘प्रेरणा दिवस’ के रूप में आयोजित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 4 बजे दीप प्रज्वलन और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण के साथ हुआ।
निःशुल्क कक्षाओं से संवर रही लोकभाषा
यह आयोजन करने वाली भाषा अभियान संचालन समिति पिछले कई वर्षों से दिल्ली-एनसीआर समेत देश-विदेश में गढ़वाली, कुमाउनी और जौनसारी भाषाओं की निःशुल्क कक्षाएं संचालित कर रही है। समिति के इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य प्रवासी उत्तराखंडियों और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध भाषाई विरासत से जोड़े रखना है।
डॉ. विनोद बछेती ने बढ़ाया आयोजकों का हौसला
इस गरिमामय अवसर पर भाजपा दिल्ली के नवनियुक्त उपाध्यक्ष और डीपीएमआई के चेयरमैन डॉ. विनोद बछेती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बछेती खुद उत्तराखंडी लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली के संरक्षक हैं, जो पिछले 16 वर्षों से लगातार उत्तराखंडी भाषाओं की ग्रीष्मकालीन कार्यशालाएं चला रहे है। उन्होंने कहा कि गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने अपने गीतों के माध्यम से उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, पहाड़ के सामाजिक जीवन , पलायन, पर्यावरण और आम आदमी की भावनाओ को आवाज दी है। उनके जन्मदिन को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य उनके रचनात्मक योगदान से युवाओं को प्रेरणा देना और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है। उन्होंने समिति के इस कार्य की सराहना करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक मुकेश कठैत, उभरते युवा गायक संजय आर्य और संगीत निर्देशक मोती शाह ने बेहतरीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। वहीं उत्तराखंडी भाषाओं की ग्रीष्मकालीन कार्यशालाओं के बच्चों ने लोक गीतों पर सुंदर नृत्य प्रस्तुतियां दी। उपस्थित दर्शकों ने लोकगीतों की इन प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की। कार्यक्रम का सफल संचालन सुप्रसिद्ध मंच संचालक नीरज बवाडी ने किया।
प्रबंधन समिति और प्रहरियों का रहा जुटान
कार्यक्रम को सफल बनाने में भाषा अभियान प्रबंधन समिति के प्रमुख दयाल सिंह नेगी, सह प्रमुख रेखा चौहान, दीपक डंडरियाल, सोशल मीडिया प्रमुख दिगपाल कैंतुरा, रमेश चंद, पुष्पा पंत, प्रदीप बौंठियाल, तनोज बुधानी सहित प्रबंधन समिति सदस्य गिरीश सत्यवली, उमेश चन्द्र सती, बहादुर सिंह नेगी, नीलम रावत, विजय लक्ष्मी डोभाल, विमला कठायत, बंदना बिष्ट, निर्मला नेगी, आनंद मणी, आनन्द पपनै, जितेन्द्र देवलियाल और भुपेंद्र सिंह बिष्ट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विभिन्न केंद्रों की रही गरिमामय उपस्थिति
दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न भाषा केंद्रों के प्रमुख, शिक्षक और सहयोगी भी इस उत्सव के गवाह बने। इनमें खजूरी केंद्र से रितु राणा, आनंद राणा, वरिष्ठ दयाकिशन बहुगुणा, राम पार्क लोनी केंद्र प्रमुख राधा मेहरा व साथी, इलाइची पुर केंद्र प्रमुख मंजू उनियाल व साथी, इन्द्रप्रस्थ केंद्र प्रमुख आनंद सिंह, मयूर विहार फेस 3 गढ़वाल भवन केंद्र प्रमुख संगीता गुसाईं व टीम उपस्थित रही।
सांस्कृतिक संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित प्रवासियों और पदाधिकारियों ने उत्तराखंड की लोक भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार का सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि अपनी भाषा को बचाना ही गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी के लिए सच्ची भेंट है।

