पोर्ट ब्लेयर में आयोजित 26 वें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मलेन में कथाकार डॉ. हरिसुमन बिष्ट को शरद पगारे कथा सम्मान और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि और गणमान्य व्यक्तिकथाकार डॉ. हरिसुमन बिष्ट को ‘शरद पगारे कथा सम्मान', पोर्ट ब्लेयर में 26वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में हुए सम्मानित

नई दिल्ली/विजया पुरम (पोर्ट ब्लेयर), 20 सितंबर। रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रख्यात कथाकार डॉ. हरिसुमन बिष्ट को प्रतिष्ठित ‘शरद पगारे कथा सम्मान’ से नवाजा गया है। अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर (विजया पुरम) में 19 से 26 सितंबर तक आयोजित किए जा रहे 26वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन के दौरान उन्हें यह गरिमामयी सम्मान प्रदान किया गया।

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अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन, भारत की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा और साहित्य को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करना है। डॉ. हरिसुमन बिष्ट को यह सम्मान सृजनात्मक लेखन के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक और महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है।

अल्मोड़ा से नाता, 10 उपन्यास और 8 कहानी संग्रह प्रकाशित

मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से ताल्लुक रखने वाले डॉ. हरिसुमन बिष्ट की साहित्य साधना बेहद व्यापक है। उनके अब तक 10 उपन्यास, 8 कहानी संग्रह, 8 नाटक और 3 यात्रा वृतांत प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने फिल्म पटकथा, गीतों और बाल साहित्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय लेखन किया है। उनकी कालजयी रचनाओं का अनुवाद अंग्रेजी समेत कई भारतीय भाषाओं में हो चुका है और उनके लिखे नाटकों का देश भर में मंचन भी किया गया है।

साहित्य समाज को संवेदनशील बनाने का माध्यम

सम्मान पत्र में डॉ. हरिसुमन बिष्ट के साहित्यिक योगदान की भूरि-भूरि सराहना करते हुए उनके रचनात्मक जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि साहित्य और रचनात्मक लेखन समाज को संवेदनशील बनाने के साथ-साथ हमारी भाषा और संस्कृति को समृद्ध करने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।

देशभर की साहित्यिक संस्थाओं का मिला सहयोग

इस भव्य आयोजन में सृजनगाथा डॉट कॉम (रायपुर) सहित देश के कई प्रतिष्ठित सामाजिक, साहित्यिक और स्मृति संस्थानों ने सहयोग किया। सम्मेलन के सफल आयोजन में डॉ. शरद पगारे स्मृति संस्थान (इंदौर), जैन स्मृति संस्थान (दिल्ली), डॉ. सुरेश चंद्र गुप्त/डॉ. उर्मिला गुप्त धर्मार्थ ट्रस्ट (सोनीपत) और डॉ. माया ठाकुर फाउंडेशन (रायपुर) समेत कई राष्ट्रीय संस्थाएं शामिल रहीं।

इस 26वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में समन्वयक डॉ. जयप्रकाश मानस, स्वागताध्यक्ष डॉ. अजय पाठक, और अध्यक्ष डॉ. सवित्ता मोहन समेत देश-विदेश से आए हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़े कई शीर्ष विद्वान अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे हैं।