"कर्णप्रयाग के सिमली औद्योगिक क्षेत्र में भगवान विश्वकर्मा जयंती पर पूजा-अर्चना करते स्थानीय उद्यमी और व्यापारी"कर्णप्रयाग: सिमली औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों ने की भगवान विश्वकर्मा की पूजा, सुख-समृद्धि की कामना

कर्णप्रयाग, 17 सितंबर (वेब डेस्क): चमोली जिले के कर्णप्रयाग स्थित सिमली औद्योगिक क्षेत्र में आज निर्माण और शिल्प के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के तमाम स्थानीय उद्यमियों और व्यापारियों ने पूरे विधि-विधान के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की और अपने व्यवसायों में उन्नति तथा सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

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वेदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ से गूंजा औद्योगिक क्षेत्र

सिमली औद्योगिक क्षेत्र में सुबह से ही उत्सव का माहौल देखा गया। कार्यक्रम के मुख्य पुरोहित आचार्य लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल के सानिध्य में पूजा की प्रक्रिया शुरू हुई। आचार्य सेमवाल ने वेदिक मंत्रों के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा संपन्न कराई। इसके बाद आयोजित भव्य यज्ञ (हवन) में उपस्थित सभी उद्यमियों ने आहुतियां अर्पित कीं और विश्व कल्याण के साथ-साथ क्षेत्र के औद्योगिक विकास की कामना की।

क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी रहे मौजूद

इस धार्मिक अनुष्ठान में सिमली और आसपास के क्षेत्रों के कई प्रमुख उद्यमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल हुए:

  • संतोष नेगी (स्थानीय उद्यमी)
  • रामेश्वरी नेगी (महिला उद्यमी)
  • अतुल निराला
  • भरत सिंह नेगी

इनके अलावा भारी संख्या में फैक्ट्री संचालक, कारीगर और श्रमिक भी इस भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साक्षी बने।

सुख-समृद्धि और सुरक्षा की प्रार्थना

पूजा और आरती के बाद उपस्थित सभी लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर उद्यमियों ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की कृपा से ही हमारे उद्योग और मशीनें सुचारू रूप से चलती हैं। आज के इस पावन दिन पर सामूहिक रूप से भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि व्यापार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। उद्यमियों ने भगवान से सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और कार्यक्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने की प्रार्थना की।

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