उत्तराखंड में कुदरत का कहर: मुनस्यारी में बादल फटने से मची तबाही, थल-मुनस्यारी रोड पूरी तरह ठप
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पिथौरागढ़ : उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के मुनस्यारी क्षेत्र में आज प्रकृति का बेहद खौफनाक रूप देखने को मिला। क्षेत्र में सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक बादल फटने से ला-झेकला नाले ने विकराल और रौद्र रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर बहकर नीचे आ गए, जिसकी चपेट में आने से प्रसिद्ध थल-मुनस्यारी मुख्य मोटर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया है। इस आपदा के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है और दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है।
ला-झेकला नाले का रौद्र रूप, बहकर आए विशालकाय बोल्डर
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुनस्यारी के ला-झेकला में बादल फटने के बाद अचानक आए मलबे और पानी के तेज बहाव ने भारी तबाही मचाई। पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि मलबे की चपेट में कोई वाहन नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि, सड़क का एक बड़ा हिस्सा मलबे के नीचे दब चुका है और कई जगहों पर सड़क का नामोनिशान तक मिट गया है। थल-मुनस्यारी रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और सैकड़ों यात्री व पर्यटक बीच रास्ते में ही फंस गए हैं।
उफान पर नदी-नाले, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जिलाधिकारी (DM) आशीष भटगांई ने आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर जिले की स्थिति का जायजा लिया और मुनस्यारी व बंगापानी क्षेत्र के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावितों तक तुरंत राहत पहुंचाएं। ला-झेकला नाले के साथ-साथ रातीगाड़ नाला भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। रातीगाड़ में एक बाइक सवार युवक ने उफनते नाले को पार करने की कोशिश की, जिससे उसकी जान बाल-बाल बची और जेसीबी ऑपरेटर व स्थानीय लोगों की मदद से उसे सुरक्षित निकाला गया।
राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी
आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमों को भारी जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के साथ मौके पर रवाना कर दिया गया है। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी से रुक-रुक कर गिर रहे पत्थरों के कारण मार्ग खोलने के कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्राओं से बचें और नदी-नालों के किनारे जाने से परहेज करें। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

