UTTARAKHAND WEATHER : भागीरथी और अलकनंदा उफान पर, पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन से सड़कें बंद, आपदा प्रबंधन विभाग हाई अलर्ट पर, कल से ‘ऑरेंज अलर्ट’ की चेतावनी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!देहरादून : उत्तराखंड में मानसूनी आफत थमने का नाम नहीं ले रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में अगले 48 घंटों के भीतर भारी से अत्यंत भारी बारिश का अनुमान जताया है। विभाग ने राज्य के सात संवेदनशील जिलों—देहरादून, नैनीताल, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और बागेश्वर में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश के बीच हालात और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए 14 से 17 अगस्त तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर दिया है।
उफान पर नदियां, थमीं सड़कों की रफ्तार
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण भागीरथी, अलकनंदा और गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हरिद्वार और ऋषिकेश के तटीय इलाकों में प्रशासन ने मुनादी करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। भूस्खलन के कारण ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 60 से अधिक ग्रामीण संपर्क मार्ग मलबे के कारण बंद हो चुके हैं। यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर भी कई जगहों पर बोल्डर गिरने से यातायात बाधित हुआ है।
शासन की तैयारी: 24 घंटे निगरानी के निर्देश
मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में 24 घंटे मुस्तैद रहने और संवेदनशील संवेदनशील रास्तों पर मलबे को साफ करने के लिए अतिरिक्त जेसीबी (JCB) मशीनें तैनात करने को कहा गया है।
चारधाम यात्रियों के लिए एडवाइजरी
प्रशासन ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही सुरक्षित स्थानों से आगे बढ़ें। पहाड़ी रास्तों पर सफर कर रहे यात्रियों को रात के समय यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी गई है।

