पीपलकोटी टनल हादसा: 7 मजदूरों की मौत, 3 अभी भी लापता; सीएम धामी ने घटनास्थल पर पहुंचकर लिया जायजा

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चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ पीपलकोटी में निर्माणाधीन टनल में हुए एक भीषण हादसे में सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि तीन मजदूर अभी भी लापता हैं। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

अचानक हुआ हादसा, मलबे में दबे मजदूर

मिली जानकारी के अनुसार, पीपलकोटी में टनल के अंदर अचानक भारी मलबा आने और भूस्खलन के कारण वहाँ काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। टनल के भीतर फंसे मजदूरों को निकालने के लिए एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें रात-दिन रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। अब तक सात शवों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है, जबकि टनल के अंदर फंसे तीन अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने लिया जायजा, मुआवजे का एलान

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने टनल के भीतर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण किया और मलबे को तेजी से हटाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने को कहा। सरकार ने मृतकों के आश्रितों के लिए उचित आर्थिक मुआवजे और घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस भीषण हादसे के बाद एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में चल रहे टनल प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि टनल के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लापता तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है।